रांची : झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक मंगलवार को कचहरी में हुई. बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष देवंती देवी ने कहा कि जनवरी 2018 में आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका एवं पोषण सखी के आंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार ने मोर्चा के साथ समझौता किया था.
लेकिन उस समझौते को अब तक राज्य सरकार ने लागू नहीं किया है. इससे राज्य के 80 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कर्मचारियों में काफी आक्रोश है. राज्य सरकार की इस वादाखिलाफी के विरोध में अब सभी कर्मचारी सड़क पर उतरने के लिए तैयार हैं.
मोर्चा की महामंत्री सुंदरी तिर्की ने राज्य सरकार की नीति की आलोचना करते हुए कहा कि विगत हड़ताल के दौरान सरकार से हुए समझौते को लागू नहीं किया जाना यह दर्शाता है कि सरकार अपने किये गये समझौता के प्रति गंभीर नहीं है.
अब वक्त आ गया है कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में उग्र आंदोलन किया जाये. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 29 अक्तूबर को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया जाये. साथ ही 26 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक सत्ताधारी दल के विधायकों के आवासीय कार्यालय के समीप धरना दिया जायेगा.
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाये. बैठक में अशोक कुमार सिंह नयन, रेखा मंडल, विमला देवी, प्रयाग प्रसाद यादव, मंजू कुमारी, बहालेन कच्छप, गंदौरी राम, राम प्रसाद, धनुषधारी प्रसाद, ममता भगत, अनिता देवी, सूर्यमूखी उरांव, उमेरा खातुन, बसंती कुमारी आदि उपस्थित थीं.
