रांची : राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा, रांची महानगर द्वारा हरमू मैदान में प्रार्थना सभा एवं सामाजिक व धार्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया़ कार्यक्रम की शुरुआत पाहन गुलाब चंद बाड़ा ने सरना झंडा स्थापित कर की.
मौके पर सर्वशक्तिमान धर्मेश को स्मरण करते हुए सामूहिक अनादि प्रार्थना की गयी़ खूंटी के महादेव मुंडा ने कहा कि सरना प्राचीन धर्म है़ इसे जानने-समझने के लिए किसी ग्रंथ की जरूरत नहीं है़ गुलाब चंद बाड़ा ने डंडा कटना अनुष्ठान के बारे में बताया़ वहीं, झरिया उरांव ने सरना धर्म, पंकज कुमार भगत ने धुमकुड़िया व्यवस्था, जीतू लिंडा ने सरना प्रार्थना सभा, बबलू रोहन कुजूर ने धार्मिक-सामाजिक व्यवस्थाओं में युवाओं की भागीदारी, सोनू खलखो ने बच्चों के सही पालन पोषण और संजीत कुजूर ने धर्म व शिक्षा विषय पर जानकारी दी़
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी सरना समाज व उसकी व्यवस्था अद्वितीय है़ ऐसी सामाजिक व धार्मिक संरचना कहीं देखने को नहीं मिलती़ दूसरे लोग भी हमारी व्यवस्थाओं का अनुसरण करने लगे हैं, पर विडंबना है कि आज आदिवासी समाज अपने पूर्वजों की व्यवस्थाओं से भटक रहा है़ ऐसी परिस्थिति में हमें चिंतन करने की आवश्यकता है़ सरना प्रार्थना सभा के माध्यम से ही हम अपने आदिवासी समाज के अस्तित्व की रक्षा कर सकते है़ं समाज की दशा-दिशा बदल सकते है़ं अध्यक्षता संजय कुजूर ने की़
चैइल बरचा नम्हैं माझी नु सरना झंडा…
कार्यक्रम के दौरान चैइल बरचा, चैइल बरचा नम्हैं माझी नु सरना झंडा…, सेवा नंदाम धर्मे ओहमा पाड़दम…, सरना काबू…, नीन चाला आयाे…, जनम देले करम देले…, हे धरती आयो चाला टोंका में… आदि भजन प्रस्तुत किये गये़ आयोजन में संजय कुजूर, झरिया उरांव, जीतू लिंडा, पुतुल तिर्की, रवि खलखो, विजय लकड़ा, पकंज भगत, सुजाता खलखो, सावित्री तिग्गा, संगीता तिग्गा आदि ने योगदान दिया़
