रांची : झारखंड में अन्य राज्यों की तुलना में अधिक वैट लिये जाने के विरोध में झारखंड पेट्रालियम डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार को राज्यभर के करीब 1200 पेट्राेल पंप बंद रहे. पेट्राेल पंप के बंद होने से करीब 53.17 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ. वहीं सरकार को करीब 10.10 करोड़ के राज्य का नुकसान हुआ है. काराेबार प्रभावित होने व राजस्व का घाटा का अनुमान एसोसिएशन द्वारा लगाया गया है.
एसोसिएशन के अनुसार पेट्रोल का करीब 15.10 करोड़ और डीजल का 38.17 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है. वहीं सरकार को पेट्रोल पर 2.93 कराेड़ और डीजल पर 7.17 करोड़ के राजस्व की हानि हुई है. इधर, पेट्राल पंप बंद होने से व्यापारियाें व आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
पेट्रोल पंप मालिक पंप द्वारा रस्सी लगा घेराबंदी कर दी गयी थी कि लोग वाहन लेकर पंप तक नहीं पहुंच पाये. इसके अलावा सूचना भी चस्पा करा दी गयी थी कि सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक पेट्रोल पंप रहेगा. हालांकि पेट्रोल पंप बंद होने की सूचना पर रविवार की रात तक लोगाें ने पेट्रोल व डीजल वाहनों में भरवा लिया था. कई वाहन मालिक व चालक पेट्रोल व डीजल का स्टाॅक रिजर्व कर रख लिये थे. झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि बंद पूरी तरह सफल रहा है और 53 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ.
खुले रहे निजी कंपनियाेें के पेट्रोल पंप : एसोसिएशन की बंदी के दैरान निजी कंपनियों के पेट्रोल पंप खुले रहे. रांची के अासपास जैसे बोड़या, कांके, ओरमांझी आदि इलाके के पेट्रोल पंप खुले रहे. पेट्रोल पंप खुले होने की सूचना पर कई लोग वहां से जाकर पेट्रोल व डीजल भरवाये.
