रांची : राजधानी में क्राइम कंट्रोल के लिए स्पेशल ब्रांच ने डीजीपी से कांके रोड निवासी शैलेश सिंह के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की अनुशंसा की थी. इसके बाद डीजीपी ने मामले में कार्रवाई की जिम्मेदारी रांची पुलिस को सौंपी थी.
लेकिन, चौंकानेवाली बात यह है कि शैलेश सिंह इन दिनों सरकारी अंगरक्षक लेकर घूम रहा है. दरअसल, शैलेश सिंह ने पूर्व में सोनू इमरोज के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में कांके थाना में केस दर्ज कराया था. साथ ही पुलिस अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी कि सोनू इमरोज ने उसे न्यायालय में गवाही नहीं देने की धमकी दी है. इसके बाद रांची पुलिस ने उसकी सुरक्षा के लिए अंगरक्षक उपलब्ध कराया है.
फिलहाल, जमानत पर बाहर है सोनू इमरोज : सोनू इमरोज हाल में ही जेल से जमानत पर बाहर निकला है.
अमूमन पुलिस जेल से निकलने वाले अपराधियों पर निगरानी रखती है. पूर्व में पुलिस की टीम सोनू इमरोज की तलाश में हिंदपीढ़ी स्थित उसके घर में छापेमारी कर चुकी है. लेकिन, वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया. पुलिस को सूचना मिली है कि वह गिरोह में नये सदस्यों को जोड़ रहा है और जमीन पर कब्जा करने का काम कर रहा है.
स्पेशल ब्रांच ने डीजीपी से की थी जिलाबदर की अनुशंसा, रांची पुलिस को मिली थी जिम्मेदारी
स्पेशल ब्रांच ने 20 जून 2017 को शैलेश सिंह के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की अनुशंसा डीजीपी से की थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि कांके हॉट लिप्स स्थित व्हाइट हाउस की 30 एकड़ जमीन को हड़पने के लिए जमीन कारोबारी लड्डू खान व बबलू खान और शैलेश सिंह व मटका किंग विजय अपराधियों को पनाह दे रहे हैं.
लड्डू खान और बबलू की ओर से इटकी का हसन, दीपक एवं प्रताप, गेंदा सिंह गिरोह का छोटू, शमशाद, इजरायल, तबारक और सोनू इमरोज के गिरोह का रिक्की, बिटानी और शमीम शामिल है. इधर, शैलेश सिंह की तरफ से इस काम में संदीप थाप, सन्नी मल्लिक, आनंद, सन्नी सिंह और बिट्टू सिंह सक्रिय हैं.
इसमें राजीव रंजन भी अपने पुराने साथी मोनू सिंह के साथ शामिल है. इसके अलावा अनूप श्रीवास्तव और दामोदर सिंह भी शैलेश सिंह के लिए काम कर रहे हैं. इसलिए मामले से जुड़े जेल में बंद अपराधियों पर जमानत रद्द कराने और दूसरे अन्य लोगों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की अनुशंसा की गयी थी.
