रांची : रजिस्ट्री के लिए विवाहिता को देना होगा पति का नाम, जल्द नयी व्यवस्था होगी लागू

मनोज लाल रांची : राज्य में संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए विवाहिता को पति का नाम देना होगा. यानी रजिस्ट्री के समय पति का नाम दर्ज कराना अनिवार्य होगा. पिता का नाम दर्ज कराने पर रोक नहीं होगी, पर पति का नाम हर हाल में देना होगा. यह व्यवस्था जल्द ही लागू होगी. इसकी तैयारी […]

मनोज लाल
रांची : राज्य में संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए विवाहिता को पति का नाम देना होगा. यानी रजिस्ट्री के समय पति का नाम दर्ज कराना अनिवार्य होगा. पिता का नाम दर्ज कराने पर रोक नहीं होगी, पर पति का नाम हर हाल में देना होगा. यह व्यवस्था जल्द ही लागू होगी. इसकी तैयारी भू-राजस्व एवं निबंधन विभाग कर रहा है. यह प्रावधान सारे वर्ग व जाति की महिलाअों पर लागू होगा.
पता चलेगा कि किसने संपत्ति खरीदी : विभागीय अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में कई ऐसे मामले देखने को मिलते हैं, जिनमें महिलाअों के नाम होनेवाली संपत्ति की रजिस्ट्री में पति का नाम न देकर पिता का नाम दिया जाता है.
इसमें पति के नाम का उल्लेख नहीं होता है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाता है कि संपत्ति किस पुरुष ने अपनी पत्नी के नाम से खरीदी है. यानी पैसा कौन लगाया है. पति के नाम होने से यह स्पष्ट हो सकेगा. अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में महिलाएं कभी पिता, को कभी पति का नाम देकर अलग-अलग संपत्ति की रजिस्ट्री करायी है.
ऐसी स्थिति में यह साफ नहीं हो पाता है कि संपत्ति एक ही महिला की है. अब केवल पति का नाम होने से इसकी पहचान हो सकेगी. अधिकारियों का मानना है कि इससे संपत्ति नहीं छिपेगी.
अनावश्यक लाभ नहीं
सरकार ने एक रुपये में महिला के नाम से एक संपत्ति की रजिस्ट्री का प्रावधान किया है. ऐसे में इसकी गुंजाइश काफी अधिक थी कि इसका अनावश्यक लाभ उठा लिया जाये.
यानी महिला एक बार अपने पिता का नाम देकर संपत्ति की रजिस्ट्री में एक रुपये टोकन मनी के प्रावधान का लाभ उठा सकती है, फिर दूसरी संपत्ति में अपने पति का नाम देकर इस प्रावधान का लाभ उठाने का प्रयास कर सकती है. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अनावश्यक लाभ से बचने के लिए भी केवल पति का नाम देना जरूरी है.
2017 में शुरू हुई थी योजना
संपत्ति खरीदने में महिला के लिए एक रुपये की निबंधन राशि की योजना जून 2017 में शुरू हुई थी. यह योजना लागू करने वाला देश भर में झारखंड एकमात्र राज्य था. अब तक 1,10,000 से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं.

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