रांची : एदार-ए-शरिया झारखंड के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा है कि उर्दू स्कूलों का मर्जर (विलय) रोकने के लिए एदारा सहित कई संगठनों ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग से गुजारिश की थी़
आयोग द्वारा शिक्षा विभाग को पत्र लिखने के बावजूद इस विषय पर गौर करना उचित नहीं समझा गया. स्कूलों का अपना भवन, लैब और 200 से 400 विद्यार्थी होने के बावजूद विभाग मर्जर पर अड़ा रहा़ जबरन सर्विस समाप्त कर देने की धमकी देकर शिक्षकों को मर्जर पर मजबूर किया गया है़
झारखंड में प्रधानमंत्री व केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग मंत्रालय के आदेशों का अनुपालन भी नहीं होता़ उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षकों को भी 19 महीनों से वेतन नहीं दिया गया है़ आयोग का पत्र मिलते ही विभाग के पदाधिकारी नाराज हो जाते हैं और समस्या को और उलझा देते हैं. इसी तरह चर्च के स्कूलों का मसला भी अटका हुआ है़
