गृह सचिव ने डीजीपी व एडीजी के साथ किया विचार-विमर्श
सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही दायर किया जा सकता है एसएलपी
रांची : पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) पर फिर से प्रतिबंध लगाने के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जा सकती है. इसकी तैयारी शुरू हो गयी है.शुक्रवार को इसको लेकर गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने प्राेजेक्ट भवन स्थित कार्यालय में डीजीपी डीके पांडेय व विशेष शाखा के एडीजी अनुराग गुप्ता के साथ विचार-विमर्श किया. इसमें पीएफआइ पर प्रतिबंध को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करने पर करीब-करीब सहमति बनती दिख रही है. हालांकि अभी अंतिम निर्णय इस पर नहीं हुआ है. पिछले दिनों हाइकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा पीएफआइ पर प्रतिबंध लगाये जाने के आदेश को खारिज कर दिया था.
इस मामले में एजी ने राज्य सरकार को दो बिंदुओं पर सुझाव दिया था. पहला यह कि सरकार त्रुटियों को दूर कर फिर से पीएफआइ को प्रतिबंधित करने का आदेश निकाल सकती है. दूसरा यह कि मामले में वे सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर सकती है. जानकार बताते हैं कि त्रुटियों को समाप्त कर फिर से पीएफआइ को प्रतिबंधित कियेजाने की प्रक्रिया जटिल है, इसमें परेशानी भी हो सकती है. इसलिए एसएलपी में जाना ही बेहतर विकल्प हो सकता है.
वारंट व फरार अभियुक्तों के मामले में डीजीपी ने दिया निर्देश
हाइकोर्ट के निर्देश के बाद डीजीपी डीके पांडेय ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में वारंट और फरार अभियुक्तों के मामले में वीडियो कांफ्रेंसिंग की.
उन्होंने सभी जिलों के एसएसपी/एसपी व रेंज डीआइजी को निर्देश दिया कि वे मामले में हाइकोर्ट के निर्देंशों का पालन करें. उन्होंने सीआइडी एडीजी व आइजी को भी मामले पर पैनी निगाह रखने का आदेश दिया. मौके पर डीजी मुख्यालय पीआरके नायडू, एडीजी सीआइडी अजय कुमार सिंह, एडीजी अभियान आरके मल्लिक, आइजी नवीन कुमार सिंह, आइजी अरुण कुमार सिंह आदि मौजूद थे.
