रांची : अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में यहां के सदानों (मूलवासियों) की अहम भूमिका रही है़ राज्य गठन के बाद अमूमन सभी दलों का शासन रहा. इसके बाद भी 18 वर्षों में झारखंड के सदानों को उनका अधिकार नहीं मिला. इसके उलट सभी दलों ने सदानों के अधिकारों का हनन किया. छलने का काम किया है. उक्त बातें सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कही.
श्री प्रसाद ने कहा कि वर्तमान की भाजपा सरकार को भी बनाने में सदानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन आज चार साल बाद भी सदानों के हक के लिए भाजपा सरकार कोई बात नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में सदानों की अहम भूमिका होगी. इसलिए राज्य के सभी राष्ट्रीय व क्षेत्रीय दल इस संबंध में अपना एजेंडा स्पष्ट करें.
