हाल के दिनों में झारखंड चेंबर में काफी बदलाव देखने को मिला है. आज की टीम में परिपक्वता की कमी है. नेतृत्व करने वालों में परिपक्वता होनी चाहिए. यह एक बड़ी व्यापारिक संस्था है. इससे राज्य स्तर पर सदस्य जुड़े हैं.
चेंबर का मुख्य काम है सरकार द्वारा बनाये गये कानूनों की समीक्षा करना और उसका सरलीकरण करवाना. कानून सरल और मित्रवत होना चाहिए. इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा. नेतृत्व करने वालों में विषयों की समझ होनी चाहिए. हाल के दिनों में देखने को मिल रहा है कि कोई भी काम का फॉलोअप नहीं हाे रहा है. केवल ज्ञापन सौंपने से काम नहीं चलेगा. इसे अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा रहा है.
