शकील अख्तर
रांची : राज्य में 4000 करोड़ रुपये लागत की 500 से अधिक योजनाएं अधूरी हैं. यानी इन योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा नहीं किया जा सका है. अधूरी योजनाओं में मुख्यमंत्री आवास और मुख्यमंत्री सचिवालय की योजनाएं भी शामिल हैं.
महालेखाकार ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं किये जानेवाली विकास योजनाओं की सूची तैयार की है. निर्धारित समय सीमा में पूरी नहीं होनेवाली योजनाओं के महालेखाकार तकनीकी नजरिये से अधूरी योजना मानते हैं. जबकि राज्य सरकार इसे ‘डिलेड प्रोजेक्ट’ के रूप में परिभाषित करती है. एजी ने अधूरी योजनाओं की इस सूची में 500 से अधिक छोटी-बड़ी आधारभूत संरचना निर्माण से जुड़े निर्माण कार्य को शामिल किया है.
इसमें भवन, सड़क, पुल,पुलिया, पेयजलापूर्ति और सिंचाई से जुड़ी आधारभूत संरचना शामिल है. सूची में सबसे बड़ी संख्या (250 से अधिक) सड़क निर्माण और पुल-पुलिया की है. एजी द्वारा तैयार इस सूची में मुख्यमंत्री आवास व मुख्यमंत्री सचिवालय की योजनाएं भी शामिल हैं.
रिपोर्ट के अनुसार कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में मंडप बनाने की योजना 9.2.2016 को स्वीकृत की गयी थी. इसकी लागत 9.47 करोड़ रुपये आंकी गयी थी. मंडप निर्माण का काम वित्तीय वर्ष 2017-18 में पूरा करना था. पर मुख्यमंत्री आवास की यह योजना भी निर्धारित समय पर पूरी नहीं हो सकी. एजी की रिपोर्ट के अनुसार योजना की भौतिक प्रगति सिर्फ 17 प्रतिशत है. मुख्यमंत्री सचिवालय में एनेक्सी भवन की योजना भी अधूरी है. एनेक्सी भवन की योजना भी 19 फरवरी 2016 को स्वीकृत हुई थी. टेंडर का निबटारा करने के बाद 2016-17 में योजना का काम शुरू हुआ. इसे 2017-18 में पूरा करने का समय दिया गया था. पर योजना अब भी अधूरी है. योजना की भौतिक प्रगति सिर्फ 18 प्रतिशत है.
एजी के अनुसार राज्य की अधूरी विकास योजनाएं (लागत करोड़ में)
योजना का नाम लागत शुरू हुआ पूरा होना था भौतिक प्रगति
मुख्यमंत्री आवास में मंडप का निर्माण 9.47 2016-17 2017-18 17%
बांसजोर मुख्य सरना चौक से कोयडेगा-बेंगरा तक सड़क 5.64 29.03.106 28.9.2017 67 %
न्यू अंजना से चांदपुर-पृथ्वी नगर विद्यालय सितेश नगर तक सड़क 4.41 06.06.2013 4.12.2014 62 %
कोचांग से साली वाया साके तुसंगा सड़क 4.06 03.08.2016 3.7.2017 20 %
चाराडीह रायटोरांग से वाया सांदीदिरी सड़क निर्माण 21.07.2016 20.7.2017 05 %
झारखंड हाइकोर्ट के नये भवन का निर्माण कार्य 264.58 18.06.2015 17.12.2017 60 %
श्रमिक चौक से बरवाअड्डा (1.5 से 7.05 किमी) फोर लेन का काम 43.98 2016-17 22.11.2017 05 %
डुमरी नवाडीह बेरमो पथ के चैनेज चौथे किमी पर उच्च स्तरीय पुल 4.07 20154-15 2016-17 17 %
नरकी गोमिया पथ के तीसरे किमी में कोनार नदी पर उच्च स्तरीय पुल 7.36 2014-15 2016-17 65%
मामर कुदर बरमसिया पश्चिम बंगाल बोर्डर पथ के 0-21.30 किमी तक का निर्माण 37.99 2016-17 2017-18 46%
देवघर के सारठ में सदरिया बरमसिया घाट पर पुल का निर्माण 6.93 2016-17 2018-19 03% बलियापुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना 71.96 29.02.2016 27.1.2017 50% अमरा पाड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना 4.41 2016-17 नवंबर 2018 05% जुडिशियल अकादमी से नगड़ी रेलवे स्टेशन वाया बालालौंग दुदलौंग सड़क 23.53 18.10.2016 254.7.2017 19%
हजारीबाग समाहरणालय भवन का निर्माण कार्य 40.08 09.12.2016 8.12.2018 15%
हरामलोहर, बिरडीह,बुरदादिरी एवं डेरो नाला पर श्रृंखला चेक डैम 8.54 29.06.2016 29.5.2017 30%
सारूबेड़ा एवं जिरगाडीह नाला में श्रृंखला चेक डैम का निर्माण 6.36 22.11.2016 21.10.2017 50%
राज्य भर में 250 से अधिक सड़कें और पुल-पुलिया अब तक हैं अपूर्ण
17 दिसंबर 2017 तक बना लेना था हाइकोर्ट का नया भवन
रांची में हाइकोर्ट के नये भवन का निर्माण कार्य भी समय पर पूरा नहीं किया जा सका. 264.85 करोड़ का लागत से बननेवाले हाइकोर्ट के इस नये भवन का निर्माण कार्य 18 जुलाई 2016 को शुरू हुआ. निविदा शर्तों के अनुसार निर्माण कार्य 17 दिसंबर 2017 तक पूरा करना था.
पर इसे भी निर्धारित समय में पूरा नहीं किया जा सका. रिपोर्ट के अनुसार हजारीबाग में बन रहे समाहरणालय भवन के भी निर्धारित समय सीमा में पूरा होने की संभावना नहीं है. 40.08 करोड़ की लागतवाले इस भवन का निर्माण कार्य नौ दिसंबर 2016 को शुरू हुआ. इसे दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है. हालांकि एजी ने योजना की प्रगति सिर्फ 15 प्रतिशत आंकी है.
