रांची : नहीं बन रहीं शहर की महत्वपूर्ण सड़कें, परेशानी झेल रही जनता

ये हाल है! हिचकोले खा रहे वाहन, पैदल चलना भी दूभर रांची : राजधानी रांची की आधा दर्जन से ज्यादा प्रमुख सड़कें नहीं बनने से लोगों को परेशानी हो रही है. सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के मौसम हो रही है, क्योंकि इन सड़कों पर पैदल चलना भी दूभर हो जा रहा है. चारपहिया वाहन हिचकोले […]

ये हाल है! हिचकोले खा रहे वाहन, पैदल चलना भी दूभर
रांची : राजधानी रांची की आधा दर्जन से ज्यादा प्रमुख सड़कें नहीं बनने से लोगों को परेशानी हो रही है. सबसे ज्यादा परेशानी बरसात के मौसम हो रही है, क्योंकि इन सड़कों पर पैदल चलना भी दूभर हो जा रहा है. चारपहिया वाहन हिचकोले खाते हुए चल रहे हैं, जबकि दोपहिया वाहन चालक अक्सर गिर कर चोटिल हो जा रहे हैं.
सड़क खराब होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी कटहल मोड़ से अरगोड़ा जानेवाली सड़क पर हो रही है. सड़क के अधिकतर हिस्सा जर्जर हो गया है, लेकिन चौड़ीकरण करने के नाम पर योजना लटकी हुई है. यही हाल बरियातू रोड की है. जगह-जगह सड़क पर ऊपरी लेयर पूरी तरह उखड़ गयी है. कई जगहों पर गड्ढे हो गये हैं, लेकिन इन सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है.
रिंग रोड फेज सात
इस सड़क को इस साल बरसात के पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था. लेकिन, मामला धरा रह गया. पुलों व फ्लाइओवर के लिए एप्रोच रोड बनाने के नाम पर काम लटका रह गया. नतीजा यह हुआ कि लोग इस साल इस सड़क का इस्तेमाल नहीं कर सके. बरसात में झेलना पड़ रहा है.
हेसल-देवी मंडप रोड
विभाग ने रातू रोड मुख्य पथ से हेसल-देवी मंडप होते हुए कांके डैम तक सड़क निकालने का निर्णय लिया था. यहां तक कि कांके डैम पर पुल बनाने का भी फैसला लिया गया था, पर आज तक इस योजना पर आगे कुछ काम नहीं हुआ. सड़क जर्जर हो गयी है. गाड़ियों का चलना मुश्किल से हो रहा है.
कुसई-राजेंद्र चौक सड़क
पथ निर्माण विभाग ने कुसई से रांची रेलवे स्टेशन होते हुए राजेंद्र चौक तक सड़क निकालने की योजना पर काम शुरू करवाया था‍. हालांकि, यह काम भी अब तक पूरा नहीं हो पया है. कागजों से निकल कर धरातल पर नहीं आने के कारण इस पर भी काम अपेक्षाकृत तेज नहीं हो रहा है.
हिंदपीढ़ी-मेन रोड सड़क
सहजानंद चौक के आगे से हिंदपीढ़ी होते हुए मेन रोड निकालने के लिए एक सड़क योजना पर काम शुरू कराया गया था. काम शुरू कराये हुए काफी समय हो गये हैं, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ है. ऐसे में इस रूट से आने-जानेवालों को परेशानी हो रही है. आवागमन भी प्रभावित है.
अरगोड़ा चौक-नयासराय रोड
इस पर दो साल से ज्यादा समय से काम चल रहा है. पिछले साल बरसात में भी लोग यहां बन रहे पुल को लेकर परेशान थे. इस साल भी पुल के डायवर्सन से चार पहिया वाहनों का आना-जाना बंद हो गया है. गाड़ियां पांच-छह किमी से ज्यादा दूरी तय कर आना-जाना कर रही हैं. अब तक सड़क पूरी नहीं हुई है.
कटहल मोड़-अरगोड़ा रोड
इस सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव पथ निर्माण विभाग ने तैयार किया था, लेकिन भू-अधिग्रहण सहित अन्य मामलों को लेकर अब तक इस पर कुछ नहीं हुआ है. हालत यह है कि अब तक यह योजना फाइनल भी नहीं हुई है.
हेहल-चापूटोली सड़क
हेहल से निकल कर चापूटोली (हरमू) की अोर जानेवाली सड़क भी अब तक फाइनल नहीं हुई है. जगह-जगह पर काम लटका हुआ है. पिछले बरसात की तुलना में इस बार कुछ काम बढ़ा है, लेकिन इस बरसात भी लोग झेल रहे हैं.

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