मांडर.
दर्जीजाड़ी गांव में रविवार को 12 पड़हा माघ जतरा का आयोजन किया गया. जतरा में विभिन्न गांवों के पहान, महतो, कोटवार और धर्म अगुवा अपनी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए. खोड़हा के साथ मांदर की थाप, गीत व नृत्य के बीच जतरा मैदान की परिक्रमा की. मुख्य अतिथि भाजपा के सन्नी टोप्पो ने कहा कि जतरा हमारी परंपरा, संस्कृति और पूर्वजों की विरासत है. आज के आधुनिक युग में भी जिस तरह से दर्जीजाड़ी के ग्रामीणों ने अपनी संस्कृति को जीवंत रखा है, वह काबिले तारीफ है. माघ जतरा हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और समाज में आपसी भाईचारे का संदेश देता है. माघ जतरा में पड़हा राजा सोहराई उरांव, तेम्बा उरांव, पहान बिरसा उरांव, समिति के अध्यक्ष अनूप मिंज, सचिव इंद्रजीत मिंज, विमल तिग्गा, प्रकाश पहान, बिरसा उरांव, बक्सा पहान, बिरसा उरांव, जूनस लकड़ा, शंकर मिंज, महली पहान, राम लखन पहान, प्रो सोमरा उरांव, संजय सिन्हा, मनोज किस्पोट्टा आदि मौजूद थे.मांडर 1, जतरा में बोलते सन्नी टोप्पो.B
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