रांची का सदर अस्पताल जल्दी ही बन जायेगा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल

रांची : रांची सदर अस्पताल में फिलहाल 100 बेड का मातृ विभाग और 50 बेड का शिशु रोग विभाग (कुल 200 बेड) संचालित हो रहा है. बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा रहे हैं. सामान्य प्रसव के अलावा सिजेरियन प्रसव की सुविधा होने के कारण निजी अस्पतालों की अपेक्षा यहां महिलाएं प्रसव कराना ज्यादा […]

रांची : रांची सदर अस्पताल में फिलहाल 100 बेड का मातृ विभाग और 50 बेड का शिशु रोग विभाग (कुल 200 बेड) संचालित हो रहा है. बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा रहे हैं. सामान्य प्रसव के अलावा सिजेरियन प्रसव की सुविधा होने के कारण निजी अस्पतालों की अपेक्षा यहां महिलाएं प्रसव कराना ज्यादा सुरक्षित समझती हैं. शिशु विभाग में भी बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है.
अस्पताल में वार्ड को स्वच्छ और बेहतर बनाया गया है, जिसमें अत्याधुनिक बेड लगाये गये हैं. उपकरण भी अत्याधुनिक हैं. खून से लेकर रेडियोलॉकल जांच की सुविधा मिल रही है. शीघ्र ही न्यूनतम मूल्य पर डिजिटल एक्सरे की सुविधा भी मुहैया करायी गयी है. महिलाओं के लिए कंगारू वार्ड भी तैयार किया गया है, जहां प्रसव के बाद महिला अपने बच्चे के साथ अस्पताल में रह सकती है. हालांकि, इससे पूर्व स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल में 50 बेड बढ़ाने का निर्देश दिया था, जिस पर अब तक अमल नहीं हो पाया है.
सुपर स्पेशिएलिटी हो जायेगा सदर अस्पताल
500 बेड का सदर अस्पताल संचालित होने के बाद यहां सभी प्रकार की सुपरस्पेशिएलिटी विंग स्थापित किये जायेंगे. जानकारी के अनुसार यहां न्यूरो, कार्डियाेलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी के विशेषज्ञ डॉक्टर इलाज के लिए उपलब्ध हाेंगे. इसके अलावा आइसीयू, एनआइसीयू और एडीसीयू भी स्थापित किया जायेगा.
ये चुनौतियां आयेंगी अस्पताल शुरू करने में
500 बेड का अस्पताल शुरू करने में कई चुनौतियां भी हैं. यहां 200 केवीए की क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जाे वर्तमान में बेड के लिए पर्याप्त नहीं है. हालांकि, प्रबंधन ने बिजली विभाग को 500 केवीए की क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए आवेदन दिया है. इसके अलावा मैन पावर व उपकरण की भी व्यवस्था करनी हाेगी.
हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द 500 बेड का सदर अस्पताल शुरू कर दिया जायेगा है. इस विषय को लेकर अगस्त में ही भवन निर्माण करने वाली एजेंसी के साथ बैठक हो चुकी है. अस्पताल शुरू करने को लेकर समय सीमा निर्धारित करने पर विचार चल रहा है.
डॉ वीवी प्रसाद, सिविल सर्जन

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >