बारिश होने पर कीचड़ व धूप में धूल-गर्द के धुंध से हो रही दुर्घटना
मांडर : मांडर के निकट एनएच-75 पर इन दिनों आवागमन मुश्किल हो गया है. यहां फोरलेन का कार्य कर रहे संवेदक द्वारा पिच को खोदकर छोड़ दिये जाने के कारण सड़क पर छोटे-बड़े गड्ढों की भरमार हो गयी है.
जिससे यहां आने-जाने में बाइक व छोटे-बड़े सभी वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है. सबसे अधिक परेशानी कंदरी मोड़ से टेढ़ी पुल तक के बीच होती है.
यहां सड़क का निर्माण करा रहे लोगों द्वारा अब सड़क का सरफेस बनाने व गड्ढों को भरने के लिए प्लांट में तैयार जीएसबी मिक्स की जगह पर बालू मेटल का प्रयोग किया जा रहा है, जो बारिश होने पर सरफेस व गड्ढों में ठहरती नहीं है और धूप होने पर धूल व गर्द में तब्दील हो जाती है. बारिश होने पर कीचड़ भरे गड्ढे व धूप होने पर धूल व गर्द के धुंध से आये दिन दुर्घटना हो रही है. साथ ही सड़क पर जीएसबी मिक्स की जगह पर अधिकाधिक मात्रा में बालू डाल दिये जाने से यहां से गुजरने वाले भारी वाहन प्रतिदिन जहां-तहां फंस भी जा रहे हैं.
जिसके चलते यहां अनावश्यक रूप से जाम की स्थिति बनी रहती है. ज्ञात हो कि संवेदक की इसी तरह की लापरवाही के कारण पिछले महीने बीजूपाड़ा के हाथी पुल के निकट कई ट्रक सड़क के बीच ही फंस गये थे. जिससे एनएच-75 पर 15 घंटे से भी अधिक समय तक आवागमन बाधित रहा था.
