रांची : साईं भक्त प्रख्यात कथा वाचक आनंद रंजन ने कहा कि रांची के कण-कण में भक्ति है. सहजता बहुत बड़ी चीज है. भक्ति में सहजता का होना आवश्यक है.
भक्ति का लक्ष्य ही सहजता है. आडंबर रहित सहज भाव से भक्ति करें, तो सभी कामनाएं पूरी होंगी. श्री रंजन शनिवार को मारवाड़ी भवन में अायोजित सावन महाकुंभ में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि देश भर में साईं भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.
देश भर में साईं मंदिरों की बाढ़ आ गयी है, परंतु सही जानकारी का अभाव होने के कारण भक्त दिग्भ्रमित हो रहे हैं. भक्तों को सही जानकारी नहीं मिल रही है. साईं कथा का श्रवण करेंगे, तभी सही जानकारी मिल पायेगी. साईं बाबा ने उपवास के लिए मना किया है. भूखे पेट भजन नहीं होता. फिर भी भक्त उपवास रखते हैं.
उन्होंने कहा कि जिस भगवान पर श्रद्धा हो, उसकी पूजा भक्ति भाव से करें. एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि भक्ति व्यक्तिगत और आस्था का मामला है और यह हर व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह किसे पूजे और किसे अपना अाराध्य माने. किसी और के कहने से न तो श्रद्धा आती है और न ही आदमी पूजा के लिए तैयार होता है.
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संतोष पाठक, राजेश साहू, दीपक प्रसाद, मनीष अग्रवाल, राजकुमार, दीपक, महेंद्र डांगा, बबन सिंह, पवन कुमार आदि का योगदान महत्वपूर्ण रहा.
