रांची : कैबिनेट के फैसले के बाद भी राज्य में गैर मजरूआ (मालिक) जमीन की रसीद जारी नहीं हो रही है. अब भी लोग अपनी रसीद के लिए अंचल कार्यालयों में दौड़ रहे हैं
रसीद कब कटेगी, यह पूछते-पूछते थक गये हैं. हर दिन अंचल कार्यालय से यही जवाब मिल रहा है कि हमलोग कुछ नहीं कर सकते हैं. सारा कुछ एनआइसी के अधीन है. एनआइसी गैर मजरूआ जमीन का लॉक खोलेगा, तभी रसीद जारी हो सकेगी.
एनआइसी को विभाग ने नहीं भेजा है दिशा-निर्देश : कैबिनेट के फैसले को डेढ़ माह होने को हैं, अब तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने गैर मजरूआ जमीन की रसीद जारी करने संबंधी दिशा-निर्देश तक नहीं दिया है.
एनआइसी सूत्रों के मुताबिक विभाग द्वारा उपायुक्तों को लिखे एक पत्र की कॉपी मात्र विभाग में आयी है. विभाग जब तक स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं देगा, वे कार्रवाई नहीं कर सकते हैं.
तीन जुलाई को ही हुआ था फैसला : कैबिनेट की बैठक में तीन जुलाई को फैसला हुआ था कि गैर मजरूआ (मालिक) जमीन की रसीद निर्गत किया जाये.
इस फैसले के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग के प्रधान सचिव ने राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को पत्र लिख कर फैसले से अवगत कराया. साथ ही कैबिनेट के फैसले के आलोक में आगे की कार्रवाई करने कहा. इस आदेश के आलोक में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने 10 जुलाई को सभी आयुक्तों व उपायुक्तों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
