रांची : रिम्स में एमबीबीएस (वर्ष 2015 बैच) की एक छात्रा इंसेफलाइटिस की चपेट में आ गयी है. उसका इलाज रिम्स इमरजेंसी में मेडिसिन विभाग के डाॅ बी कुमार व डॉ उमेश प्रसाद की देखरेख में चल रहा है. चिकित्सक इंसेफलाइटिस व ब्रेन मलेरिया दोनों बिंदु पर छात्रा का इलाज कर रहे हैं. छात्रा की सभी आवश्यक जांच की गयी है, लेकिन कुछ स्पष्ट नहीं हो पा रहा है. हालांकि पहले से छात्रा की स्थिति में सुधार है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. हॉस्टल की अन्य छात्राओं ने इसकी सूचना बीमार छात्रा के परिजनों को दी. वह चाईबासा की रहनेवाली है.
गर्ल्स हॉस्टल में शुक्रवार की रात करीब 11 बजे छात्रा अचानक बेहोश हो गयी. उसे झटका भी आ रहा था. इसके बाद साथ में पढ़नेवाली अन्य छात्राएं उसे लेकर रिम्स इमरजेंसी पहुंचीं. मेडिसिन विभाग से डॉ बिंदे कुमार को बुलाया गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव, अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप को भी इसकी सूचना दी गयी.
सूचना मिलते ही अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप रिम्स इमरजेंसी पहुंचे. इसके बाद डॉ उमेश प्रसाद को बुलाया गया. उस समय छात्रा का बीपी व शुगर बढ़ा हुआ था. सीटी स्कैन, पेट का सीटी सहित सभी प्रकार की ब्लड जांच करायी गयी है. सुबह चार बजे तक अधीक्षक व दाेनों डॉक्टर इमरजेंसी में छात्रा की स्थिति का मुआयना करते रहे. छात्रा के इलाज के लिए स्थानीय खर्च पर दवाओं की खरीद की जा रही है.
डेंगू व चिकनगुनिया निगेटिव : छात्रा की डेंगू व चिकनगुनिया की भी जांच की गयी, लेकिन दोनों रिपोर्ट निगेटिव है. डॉ बिंदे ने बताया कि छात्रा को सेलेब्रल मलेरिया या इंसेफलाइटिस हो सकता है. इसका इलाज किया जा रहा है.
इमरजेंसी में अब मेडॉल का काउंटर
रांची : रिम्स इमरजेंसी में शनिवार से मेडॉल का काउंटर खुल गया. यहां गंभीर अवस्था में भर्ती मरीजों की जांच की सुविधा मुहैया करायी जायेगी. इमरजेंसी में स्थित मेडॉल में बीपीएल व पीआइआर (पुलिस केस) की जांच मुफ्त होगी. वहीं एपीएल मरीजों को जांच के लिए पैसा देना होगा. एपीएल मरीजों की जांच तत्काल तो कर दी जायेगी, लेकिन बाद में जांच का पैसा लैब में जमा करना होगा. हालांकि सूत्रों की मानें तो रिम्स इमरजेंसी में मेडाॅल लैब का संचालन शनिवार को इसलिए किया गया, क्योंकि शुक्रवार को मेडिकल छात्रा को गंभीर अवस्था में भर्ती करने के बाद जांच में परेशानी हुई थी.
मेडिकल छात्रा की स्थिति शुक्रवार की रात अचानक बिगड़ गयी थी. हमारे फिजिसियन लगातार उसकी देखरेख में लगे हुए हैं. आवश्यक जांच करायी गयी है. पहले से स्थिति सुधरी है, लेकिन अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है.
डॉ आरके श्रीवास्तव, निदेशक, रिम्स
