रांची : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के निर्माण के लिए राज्य ने अपना पूरा अंश अभी तक रिलीज नहीं किया है. 271 करोड़ रुपये अभी भी इस योजना के लिए बाकी हैं, जिसे सरकार ने ग्रामीण विकास विभाग को योजना के लिए नहीं दिया है. यानी राज्य सरकार ने अपने हिस्से में से मात्र 172 करोड़ रुपये ही दिया है. वहीं केंद्र सरकार ने अपना पूरा अंश 666 करोड़ रुपये रिलीज कर दिया है. केंद्र के भरोसे ही झारखंड में पीएम आवास योजना का काम हो रहा है.
राज्य सरकार को 40 फीसदी हिस्सा देना है: जानकारी के मुताबिक इस योजना के लिए केंद्र सरकार को 60 व राज्य सरकार को 40 फीसदी हिस्सा देना है. केंद्र ने पूरा हिस्सा दे दिया है. इससे योजना पर काम चल रहा है.
राज्य भर में इस योजना के तहत हर दिन जो खर्च हो रहे हैं, उसका आकलन करने पर यह पाया गया है कि रोज 25-30 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं. अभी राज्य सरकार के पास केंद्रांश का करीब 230 करोड़ रुपये ही बचा है. इस तरह इस राशि के समाप्त हो जाने पर फिर से योजना बंद हो जायेगी. ऐसे मे राज्यांश के रूप में बकाया राशि 271 करोड़ रुपये की मांग की जा रही है, पर राज्य सरकार से यह राशि रिलीज नहीं हो रही है. मुख्यमंत्री ने 271 करोड़ में से 227 करोड़ रुपये रिलीज करने की अनुमति भी दे दी है, फिर भी राशि अटकी हुई है.
