मनोज सिंह
रांची : सीसीएल ने कथारा में खदान बंद होने के बाद वहां कार्यरत कई कर्मियों का तबादला अन्य क्षेत्रों में कर दिया है. मजे की बात यह है कि कंपनी ने कई ऐसे कर्मियों का भी तबादला कर दिया है, जो या तो रिटायर हो गये हैं या फिर दो-चार दिन बाद रिटायर होनेवाले हैं.
कंपनी द्वारा जारी यह तबादला सूची मजदूरों के बीच में चर्चा का विषय बनी हुई है. मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को क्षेत्र के साथ मुख्यालय में होनेवाली बैठकों में भी उठाया है. कंपनी ने सीसीएल के कथारा और बरकासयाल कोलियरी से करीब 350 कर्मियों का तबादला किया है, जिसमें 14 महिला कर्मचारी भी शामिल हैं.
जानकारी के अनुसार कंपनी के सीएमडी इस तरह एक मुश्त तबादला किसी बिना सूचना के किये जाने पर नाराजगी जतायी है. सीसीएल ने कथारा से जारंगडीह और स्वांग अंडर ग्राउंड माइंस को बंद कर दिया है. बरकासयाल में भी चार खदान बंद कर दिये गये हैं.
टुपू लाल हो गये हैं रिटायर
कथारा में काम करनेवाले कर्मी टुपू लाल 30 अप्रैल को ही रिटायर हो गये हैं. 27 जुलाई को जारी तबादला आदेश में उनका नाम भी शामिल किया गया है. प्रबंधन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भुलास राणा 31 जुलाई को रिटायर होने वाले थे. उनका भी तबादला कर दिया गया था.
अगस्त में रिटायर होने वाले गोपी नाथ मांझी, अट्टू मांझी, मथुरा रविदास का भी तबादला कर दिया गया है. इधर, पिछले दिनों मुख्यालय में हुई बैठक में सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह ने वैसे अधिकारियों को चिह्नित करने का आदेश दिया है, जिन्होंने इस प्रकार की सूची तैयार की है. उन्होंने इसे घोर लापरवाही वाला काम बताया है. साथ ही इसमें सुधार का आश्वासन भी दिया है.
