रांची : सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एके मिश्र की अदालत में शनिवार को 21 वर्ष पुराने अलकतरा घोटाला मामले में पूर्व मंत्री इलियास हुसैन की गवाही दर्ज करायी गयी. इलियास के अलावा उनके तत्कालीन पीए शहाबुद्दीन बेग व ट्रांसपोर्टर जनार्दन प्रसाद ने भी गवाही दर्ज करायी.
तीनों ने खुद को निर्दोष और उन पर सीबीआइ द्वारा लगाये गये आरोपों को बिल्कुल निराधार बताया. उन्होंने अपनी गवाही में कहा कि सीबीआइ ने गलत तरीके से उन्हें फंसाया है. अदालत ने मामले में बचाव पक्ष को अपनी गवाही शुरू करने को कहा. इसके लिए अदालत ने 13 अगस्त की तिथि निर्धारित की.
375 मीट्रिक टन अलकतरा की हेराफेरी को लेकर 18.75 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला है. वर्ष 1992 से लेकर 1994 के बीच पथ निर्माण विभाग द्वारा चतरा में हल्दिया भाया बरौनी अलकतरा का ट्रांसपोर्ट करना था, लेकिन 375 मीट्रिक टन का ट्रांसपोर्ट नहीं किया गया. सीबीआइ ने वर्ष 1997 में प्राथमिकी दर्ज की थी. इसमें मंत्री इलियास हुसैन सहित अन्य को आरोपी बनाया गया था.
