रांची : राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मगुरु बंधन तिग्गा ने कहा कि 2011 में हुए एक सर्वेक्षण हुआ. इसमें यह बात सामने आयी कि देश के 21 राज्यों के 50 लाख आदिवासियों ने धर्म कॉलम में अपना धर्म सरना लिखा था़
उधर, गोंडी समाज के लोगों ने स्पष्ट कहा है कि यदि सरकार द्वारा सरना को आदिवासी समाज का धर्म घोषित किया जाता है, तो वे भी अपना धर्म सरना लिखेंगे़ उन्होंने कहा कि राजनीति से प्रेरित कुछ लोग जो सरना धर्म विरोधी हैं, मंत्री-विधायक व सरकार के ऊंचे पदों में रहते हुए इसके लिए कुछ नहीं किया़ जब राष्ट्रीय स्तर पर सरना धर्म और सरना कोड की पहचान और मांग हो रही है, तो ये लोग नया नाम देकर धर्म कोड का अभियान शून्य से शुरू करना चाहते हैं.
