रांची : कृषि, पशुपालन व सहकारिता मंत्री रणधीर सिंह ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में डेयरी व पशुपालन सेक्टर की समीक्षा की. इस दौरान गत तीन वर्ष की उपलब्धियों तथा 2023-24 तक की कार्य योजना पर बात हुई. अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि गत तीन वर्षों के दौरान राज्य में दूध का उत्पादन 47 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ कर 57 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है. इस तरह रोजाना 10 लाख लीटर की वृद्धि हुई है. पर दूध के आत्मनिर्भरता के लिए हर रोज 10 लाख लीटर अौर उत्पादन करना होगा. इसके लिए अगले पांच वर्षों की कार्य योजना पर चर्चा हुई.
मंत्री श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिरिक्त दूध के लिए बल्क मिल्क कूलर की स्थापना के अलावा वे मिल्क पाउडर, आइसक्रीम और बटर प्रोडक्शन प्लांट का भी प्रस्ताव तैयार करें. इसके अलावा संताल परगना प्रमंडल में बी बच्चों के लिए गिफ्ट मिल्क योजना शुरू करने का निर्देश मंत्री ने दिया है. इधर, राज्य के मेधा डेयरी का संचालन कर रहे नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के पांच वर्षों का कार्यकाल मार्च 2019 में समाप्त हो रहा है. इसे पांच वर्ष का अवधि विस्तार देने को भी कहा गया है.
मंत्री ने ग्रामीण इलाके के दुधारू गाय व भैंस का फसल बीमा की तर्ज पर बीमा कराने की योजना शुरू करने को भी कहा है. उधर, सारठ (देवघर), साहेबगंज, पलामू, गिरिडीह व जमशेदपुर में बन रहे 50-50 हजार लीटर क्षमता वाले डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट का काम जून 2019 तक पूरा कर लेने को कहा गया है. समीक्षा बैठक में निदेशक डेयरी डॉ कृष्ण मुरारी, सहायक निदेशक मुकुल प्रसाद सिंह, उप निबंधक सहकारिता जयदेव सिंह तथा झारखंड मिल्क फेडरेशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
डेयरी सेक्टर की हुई समीक्षा
तीन वर्ष की उपलब्धियों और 2023-24 तक की कार्य योजना पर बात हुई
कृषि, पशुपालन व सहकारिता मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को दिया निर्देश
कहा : संताल परगना के बच्चों तक पहुंचायें गिफ्ट मिल्क योजना का लाभ
नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को पांच वर्ष का अवधि विस्तार देने का निर्देश
