बदले गये सीआइडी एडीजी प्रशांत सिंह, अजय सिंह को फिर दायित्व

अजय सिंह पूर्व में 20 माह तक सीआइडी के एडीजी रह चुके थे प्रशांत सिंह को रेल एडीजी बनाया गया रांची : महज सात माह में ही प्रशांत सिंह को सीआइडी एडीजी के पद से हटा दिया गया. इनके स्थान पर रेल एडीजी अजय कुमार सिंह को फिर से सीआइडी एडीजी का दायित्व सौंपा गया […]

अजय सिंह पूर्व में 20 माह तक सीआइडी के एडीजी रह चुके थे

प्रशांत सिंह को रेल एडीजी बनाया गया
रांची : महज सात माह में ही प्रशांत सिंह को सीआइडी एडीजी के पद से हटा दिया गया. इनके स्थान पर रेल एडीजी अजय कुमार सिंह को फिर से सीआइडी एडीजी का दायित्व सौंपा गया है, जबकि प्रशांत सिंह को रेल एडीजी बनाया गया है. इस संबंध में गृह विभाग ने शुक्रवार की शाम अधिसूचना जारी की है. अजय सिंह करीब 20 माह (जनवरी 2016 से 25 नवंबर 2017) तक सीआइडी के एडीजी रहे थे. इनको हटाने के बाद एमवी राव को एक माह (13 नवंबर 2017 से 13 नवंबर 2017) तक एडीजी रखा गया था. अब प्रशांत सिंह को समय से पहले सीआइडी से हटा दिया गया है. सूत्र बताते हैं कि बकोरिया कांड का मामला जब-जब सामने आता है, तब-तब सीआइडी में उलट-फेर कर दिया जाता है.
इससे पूर्व भी आठ जून 2015 की रात पलामू के सतबरवा में हुए कथित मुठभेड़ के बाद कई अफसरों के तबादले कर दिये गये थे. सबको पता था कि मुठभेड़ के मामलों की जांच सीआइडी करती है. तब एडीजी रेजी डुंगडुंग सीआइडी के एडीजी थे. सरकार ने उनका भी तबादला कर दिया था. अजय भटनागर और अजय कुमार सिंह के कार्यकाल में मामले की जांच सुस्त तरीके से हुई. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी इस पर टिप्पणी की थी. रांची जोन की आइजी सुमन गुप्ता का भी तबादला कर दिया था, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर तब के पलामू सदर थाना के प्रभारी हरीश पाठक से मोबाइल पर बात की थी. वहीं हरीश पाठक को बाद में एक पुराने मामले में निलंबित कर दिया गया था. वह इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह हैं. इसी तरह पलामू के तत्कालीन डीआइजी हेमंत टोप्पो का भी तबादला तुरंत कर दिया गया था.
बच्चा बेचने के मामले में मो निहालुद्दीन को आइओ बनाने से खफा थे एक अफसर
विभाग से जुड़े एक वरीय अधिकारी ने बताया कि बच्चा बेचे जाने के मामले में चर्चित हुई संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी मामले की जांच कुछ दिनों पहले डीजीपी ने सीआइडी को सौंपी थी. सीआइडी एडीजी प्रशांत सिंह ने मामले की जांच का अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर निहालउद्दीन को बना दिया था. यह बात उक्त अधिकारी काे नागवार गुजरी. उन्होंने इसकी शिकायत आलाधिकारियों से कर दी थी.
तीन आइपीएस को बनाया गया प्रभारी आइजी, जबकि तीनों को आइजी बनाना है
2001 बैच के तीन आइपीएस को प्रभारी आइजी बनाया गया है. एसीबी में डीआइजी रंजीत प्रसाद को सीआइडी का आइजी (संगठित अपराध), एससीआरबी के डीआइजी हेमंत टोप्पो को उसी स्थान पर प्रभारी आइजी व जैप डीआइजी सुधीर कु झा को वहीं पर प्रभारी आइजी बनाया गया है. गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. उक्त तीनों अधिकारियों का आइजी में प्राेन्नति होना है.

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