राणा प्रताप
रांची : रांची-जमशेदपुर एनएच-33 के 163 किमी के फोर लेनिंग कार्य के लिए दी गयी राशि में से 264.01 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिल पाया है.जानकारी के मुताबिक उक्त राशि का उपयोग सड़क निर्माण में नहीं कर अन्य जगहों पर कर दिया गया है. भारत सरकार के कॉरपोरेट मंत्रालय के सीरियस फ्रॉड इंवेस्टिगेशन अॉरगेनाइजेशन (एसएफआइअो) द्वारा रांची-जमशेदपुर एनएच-33 के फोर लेनिंग में खर्च की गयी राशि की प्रारंभिक जांच करने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ है. उक्त जांच हाइकोर्ट के आदेश पर किया गया. जांच के दाैरान एनएच के निर्माण के लिए संवेदक कंपनी मधुकॉन प्रोजेक्ट लिमिटेड व रांची एक्सप्रेस-वे को दी गयी राशि में से 264.01 करोड़ का हिसाब नहीं मिला.
राशि की राउंड ट्रिपिंग होने की बात जांच में सामने आयी है. उक्त राशि का विचलन पाया गया है. रांची-जमशेदपुर एनएच के लिए मिली राशि को संवेदक ने अपने दूसरे अन्य प्रोजेक्ट में लगा दिया. सड़क के रखरखाव पर 98 करोड़ रुपये खर्च का दावा किया गया.
94.01 करोड़ रुपये सामग्री व मोबेलाइजेशन एडवांस के रूप में दिया गया, जिसका सड़क निर्माण में उपयोग नहीं हुआ. सामग्री व मोबेलाइजेशन एडवांस का 22 करोड़ रुपये का विचलन किया गया. 50 करोड़ रुपये का राउंड ट्रिपिंग पाया गया.
