रांची : स्वास्थ्य सचिव निधि खरे ने क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट की राज्य काउंसिल की बैठक में निर्देश दिया कि सभी नर्सिंग होम व क्लिनिक में वहां सेवा दे रहे चिकित्सकों के नाम तथा सेवा शुल्क का प्रदर्शन रिसेप्शन में करना अनिवार्य है.
इससे मरीज व उनके परिजनों को सेवा शुल्क का आकलन कर चिकित्सीय सेवा लेने या न लेने के संबंध में निर्णय लेने में आसानी होगी. इसका यह लाभ भी होगा कि बाद में खर्च को लेकर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अाक्रोश प्रदर्शन की गुंजाइश नहीं रहेगी.
नेपाल हाउस में हुई बैठक में प्रधान सचिव ने कहा कि सभी निबंधित अस्पतालों, नर्सिंग होम व क्लिनिक को बायो मेडिकल वेस्ट का डिस्पोजल करना है. इसके अलावा अग्निशमन यंत्र भी लगाने को कहा गया.
