एनएसजीएम ने दी सहमति, रांची स्मार्ट ग्रिड निर्माण के लिए डीपीआर तैयार

रांची : रांची में स्मार्ट ग्रिड निर्माण के लिए डीपीआर तैयार हो गया है. एनएसजीएम ने इस पर तकनीकी सहमति दे दी है. 31 जुलाई 2018 को भारत सरकार की स्मार्ट ग्रिड संचालन समिति द्वारा स्वीकृति संभव है. इसके बाद अगस्त माह में इसकी निविदा संभव है. पूरे देश में करीब 14 पायलट स्मार्ट ग्रिड […]

रांची : रांची में स्मार्ट ग्रिड निर्माण के लिए डीपीआर तैयार हो गया है. एनएसजीएम ने इस पर तकनीकी सहमति दे दी है. 31 जुलाई 2018 को भारत सरकार की स्मार्ट ग्रिड संचालन समिति द्वारा स्वीकृति संभव है. इसके बाद अगस्त माह में इसकी निविदा संभव है.
पूरे देश में करीब 14 पायलट स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट किये गये हैं. इसमें रांची का स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट देश में अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा. मंगलवार को स्मार्ट ग्रिड से संबंधित नीतियों एवं कार्यक्रम के क्रियान्वयन एवं मॉनीटरिंग के लिए ऊर्जा सचिव सह झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी नितिन मदन कुलकर्णी की अध्यक्षता में बैठक बोर्ड मुख्यालय में हुई.
इसमें झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के सदस्य तकनीक रविंद्र नारायण सिंह, जेबीवीएनएल के एमडी राहुल पुरवार, झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के एमडी निरंजन कुमार, राष्ट्रीय स्मार्ट ग्रिड मिशन के वरीय प्रबंधक सचिन शुक्ला समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
क्या है स्मार्ट ग्रिड
स्मार्ट ग्रिड एक डिजिटल इलेक्ट्रिकल ग्रिड है, जो आपूर्तिकर्ता एवं उपभोक्ताओं द्वारा बिजली के उपयोग के संबंध में डाटा एकत्र करता है. साथ ही मांग के अनुरूप वितरण की सुविधा प्रदान करता है. स्मार्ट ग्रिड इलेक्ट्रिकल संचरण और वितरण नेटवर्क में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का एकीकरण है.
इससे बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित निराकरण, बेहतर ऊर्जा प्रबंधन, बेहतर विद्युत आपूर्ति, सही बिजली बिल की सुविधा मिल सकेगी. उपभोक्ताओं अपने बिजली उपकरणों को खुद से नियंत्रित भी कर सकेंगे. स्मार्ट ग्रिड की मदद से संभावित सभी सब स्टेशन को अॉटोमेटिक सिस्टम से संचालित किया जा सकेगा.

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