रांची : सरेंडर पॉलिसी में संशोधन, 10 लाख तक का पुरस्कार
रांची : कैबिनेट ने मंगलवार को सरेंडर पॉलिसी में संशोधन करते हुए रिवार्ड देने की शक्ति में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. पहले पुलिस अधीक्षक को नक्सलियों की गिरफ्तारी में मदद करने और सूचना देने के लिए 50 हजारे रुपये पुरस्कार राशि देने का अधिकार था. अब एसपी एक लाख रुपये, डीआइजी 75 हजार के बदले दो लाख रुपये और डीजीपी दो लाख के बदले पांच लाख रुपये तक पुरस्कार की राशि घोषित कर सकेंगे.
गृहमंत्री पांच से 10 लाख रुपये तक राशि बतौर पुरस्कार दे सकेंगे. 10 लाख से अधिक की राशि पुरस्कार स्वरूप देने का अधिकार मुख्यमंत्री को होगा. सरेंडर करने वाले उग्रवादियों में दस्ता सदस्यों की सूची को कैबिनेट ने दोगुना कर दिया. पहले दो लाख रुपये तक के पुरस्कार की सूची में केवल 200 दस्ता सदस्य शामिल थे. अब इस सूची में 400 लोगों को शामिल कर दिया गया है.
प्रोन्नति देने का फैसला
इसके साथ ही कैबिनेट ने जल संसाधन विभाग के वैसे कार्यपालक अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता में प्रोन्नत करने का फैसला किया है, जो 20 साल की सेवा पूरी कर चुके हों और 7600 ग्रेड पे का लाभ एक वर्ष तक ले चुके हों. बताया गया कि एक जनवरी 2019 की रिक्तियों के मद्देनजर 47 कार्यपालक अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता के रूप में प्रोन्नत किया जायेगा.
इसके साथ ही कैबिनेट ने चतरा जिले के दहुरी में स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन के लिए 34.19 लाख रुपये के पुनरीक्षित प्राक्कलन को मंजूर किया है. एचइसी पर डीपीएस के मद में बकाया 116.42 करोड़ रुपये की राशि विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को सरकार द्वारा दी गयी राशि में समायोजित करने का फैसला किया. कैबिनेट ने बंगाल, आगरा, असम व्यवहार न्यायालय संशोधन विधेयक पर घटनोत्तर स्वीकृति दी.
यूआइडी द्वारा भेजे जानेवाले ओटीपी नंबर से की जायेगी बुजुर्गों की पहचान
कैबिनेट ने अचल संपत्ति हस्तांतरण एवं विवाह निबंधन नियमावली में संशोधन किया है. इससे अब विदेशी नागरिकों को या एनआरआइ को संपत्ति या विवाह के निबंधन के समय आधार और इ-केवाइसी के बदले पहचान के तौर पर पासपोर्ट या संबंधित देश द्वारा जारी पहचान पत्र की संख्या का उल्लेख किया जायेगा.
वैसे बुजुर्ग जिनकी अंगुलियों के निशान या आंख की पुतलियोंमें बदलाव हो गया हो, उनकी पहचान उनके आधार नंबर के लिए यूआइडी द्वारा मोबाइल पर भेजे जाने वाले ओटीपी नंबर से की जायेगी.
कक्षपाल संवर्ग नियुक्ति प्रोन्नति नियमावली में भारी बदलाव
कैबिनेट ने कक्षपाल संवर्ग नियुक्ति प्रोन्नति नियमावली में भारी बदलाव किया है. इसका उद्देश्य कक्षपालों के रिक्त पड़े पदों को भरना है. अब कक्षपाल नियुक्ति के दौरान एक रिक्त पद के लिए तीन नामों की अनुशंसा की जायेगी. साथ ही लांग जंप, हाइ जंप आदि के प्रावधान को समाप्त करते हुए केवल दौड़ के नियम को शामिल किया है.
कक्षपाल नियुक्ति की कठिन शर्तों की वजह से 1394 रिक्त पदों में सिर्फ 389 पद ही भरे जा सके थे. सरकार ने इन रिक्त पदों को भरने के लिए पहले से लागू नियम को बदल दिया है. पहले एक पद के आलोक में दो नामों की अनुशंसा की जाती थी. अब एक के बदले तीन नामों की अनुशंसा की जायेगी. नियुक्ति नियमावली में पहले किये गये लांग जंप, हाइ जंप और गोला फेंक के प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया है. पहले से लागू दौड़ के नियम में भी बदलाव किया गया है.
पहले पांच मिनट या उससे कम में एक मील की दौड़ पूरी करने पर 20 अंक, पांच से छह मिनट के अंदर 10 अंक दिये जाते थे. महिलाओं को आठ मिनट से पहले एक मील की दौड़ पूरी करने पर 20 अंक और आठ से 10 मिनट के बीच पूरी करने पर 10 अंक मिलते थे. इससे अधिक समय लेने पर आवेदक को असफल घोषित कर दिया जाता था. पुरुषों को 60 मिनट में 10 किलोमीटर और महिलाओं को 40 मिनट में आठ किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी होगी.
