रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा द्वारा आयोजित महिला जन आक्रोश रैली और नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को लेकर कड़ा प्रहार किया है. कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता को गुमराह करने वाली “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया और भाजपा की नीयत पर सवाल उठाए.
कांग्रेस नेताओं का संयुक्त बयान
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आलोक कुमार दूबे, मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव और मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने संयुक्त बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि भाजपा का यह आयोजन सिर्फ कांग्रेस विरोधी अभियान बनकर रह गया है, जिसका उद्देश्य जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना है.
महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल
आलोक कुमार दूबे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ पार्टी “नारी शक्ति” की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कई गंभीर मामलों में उसके नेताओं पर आरोप लगे हैं. उन्होंने उन्नाव कांड, बृजभूषण शरण सिंह विवाद, बीएचयू सामूहिक बलात्कार और मणिपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार की प्रतिबद्धता सवालों के घेरे में है. उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में रोजाना 90 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं दिखती.
रैली को बताया ध्यान भटकाने की कोशिश
मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि जिस रैली में आम जनता की भागीदारी ही नहीं है, वह केवल राजनीतिक दिखावा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे आयोजनों को समझने लगी है और सिर्फ नारों से प्रभावित नहीं होती.
महिला आरक्षण बिल पर उठे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि इस बिल को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर 2029 तक टालना महिलाओं के साथ विश्वासघात है. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा की मंशा साफ होती, तो महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाता, न कि उसे भविष्य के लिए टाल दिया जाता.
महंगाई और बेरोजगारी पर भी निशाना
मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की महिलाएं आज महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही हैं. लेकिन इन मुद्दों पर भाजपा पूरी तरह चुप है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वर्षों तक महिला आरक्षण को लंबित रखती रही और अब चुनावी लाभ के लिए इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है.
इसे भी पढ़ें: छह महीने में 1 लाख से बढ़कर 16 लाख हो गया रिटायर कर्मचारी के घर का किराया, हाईकोर्ट नाराज
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल
इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है. भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, जिससे राज्य की राजनीतिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है.
इसे भी पढ़ें: एनडीपीएस मामले के आरोपी देवेंद्र मुंडा की याचिका खारिज, कोर्ट ने डिटेंशन आदेश को सही ठहराया
