रांची : 15वें वित्त आयोग के समक्ष झारखंड सरकार 2020-25 के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपये की मांग रखेगी. स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, परिवहन, शहरी और ग्रामीण विकास की विभिन्न आधारभूत संरचनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से राशि की मांग की जायेगी. एक अगस्त से तीन अगस्त तक 15वें वित्त आयोग की टीम झारखंड में रहेगी.
इस दौरान टीम जमशेदपुर भी जायेगी. सूत्रों ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के समक्ष मांग रखने के लिए सभी विभागों ने अपनी योजनाएं योजना सह वित्त विभाग को भेज दी है. जिसमें सबको शाॅर्ट लिस्ट करने का काम चल रहा है. बताया गया कि लगभग 1.5 लाख करोड़ की योजनाएं 15वें वित्त आयोग के समक्ष प्रेजेंटेशन के माध्यम से रखी जायेंगी. इन योजनाओं को 2020 से 2025 के बीच पूरा किया जायेगा.
चेयरमैन एनके सिंह के नेतृत्व में आयेगी टीम : 15वें वित्त अायोग की टीम का नेतृत्व चेयरमैन एनके सिंह करेंगे. टीम में वित्त आयोग के सदस्य शक्तिकांता दास, प्रो. अनूप सिंह, अशोक लाहिरी, प्रो. रमेश चंद और अरविंद मेहता समेत अन्य अधिकारी भी रहेंगे.
औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों के साथ भी होगी बैठक : बताया गया कि तीन अगस्त को टीम के सदस्य फील्ड विजिट में जमशेदपुर जायेंगे.
वहां टाटा स्टील के प्लांट को देखेंगे. साथ ही जमशेदपुर में ही विभिन्न औद्योगिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी होगी. बैठक में सीआइआइ, एसोचैम, फिक्की, एफजेसीसीआइ समेत टाटा स्टील, बीएसएल, एचइसी, सीसीएल, बीसीसीएल, इसीएल समेत अन्य औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे. टीम के सदस्य इनके साथ राज्य की हालत और स्थिति पर चर्चा करेंगे.
राज्य की समस्याओं पर होगी चर्चा
बताया गया कि एक अगस्त को 15वें वित्त आयोग की टीम रांची पहुंचेगी. टीम के सदस्य होटल रेडिसन ब्लू में ठहराये जायेंगे. एक अगस्त को टीम राज्य के सभी नगर निकायों के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी.
इसके बाद दो अगस्त को मुख्यमंत्री समेत राज्य के सभी अधिकारियों के साथ बैठक होगी. इसी बैठक में राज्य सरकार अपनी जरूरत बता कर राशि की मांग करेगी. बैठक होटल रेडिसन ब्लू में ही होगी. इसी दिन शाम को वित्त आयोग की टीम झारखंड के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगी और समझेगी कि राज्य को विकास के लिए किन योजनाओं की जरूरत है.
राज्य की मुख्य समस्या और उसके निदान पर भी चर्चा की जायेगी. इसमें भाजपा, झामुमो, कांग्रेस, झाविमो, भाकपा, सीपीआइएम, सीपीआइ एमएल, झापा समेत अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
