रांची : सिविल कोर्ट के अधिवक्ता अपने सहयोगी आरती देवी की हत्या के खिलाफ मंगलवार को न्यायिक कार्यों से अलग रहे. इस कारण विभिन्न कोर्ट में आज लगभग दो हजार मामलों की सुनवाई नहीं हो पायी.
फैमिली कोर्ट में 60 से ज्यादा मामले लंबित रहे. सभी मामलों को अगली तिथि दी गयी है. कई मामलों में आरोपियों की जमानत नहीं हो पायी. पूर्व मंत्री अौर विधायक राजा पीटर, कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन सहित अन्य के खिलाफ आज आरोप गठन होना था. अब आरोप गठन बुधवार को होने की संभावना है. इसके अलावा सीबीआइ की अदालत में पूर्व मंत्री एनोस एक्का के मामले में भी गवाही नहीं हो पायी.
सूना रहा सिविल कोर्ट परिसर : सिविल कोर्ट परिसर आज सूना रहा. हालांकि बड़ी संख्या में मुवक्किल आज भी कोर्ट पहुंचे थे. पर अधिवक्ताअों के कार्य से अलग रहने की सूचना मिलने के बाद वे लौट गये. नये अौर पुराने बार भवन में भी अधिवक्ता कम संख्या में दिखे.
रांची. पिछले दिनों अधिवक्ता आरती देवी व उनके पुत्र की हत्या बरियातू स्थित उनके घर पर कर दी गयी थी. आरती देवी को श्रद्धांजलि देने के लिए मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन द्वारा शोकसभा का आयोजन किया गया. इसके बाद एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार अधिवक्ताअों ने खुद को न्यायिक कार्यों से अलग रखा. गौरतलब है कि चार माह पूर्व अधिवक्ता आरती देवी के पति की भी मृत्यु हो गयी थी.
वे भी अधिवक्ता थे. एसोसिएशन के महासचिव संजय विद्रोही ने कहा कि यह दुख की बात है कि पूरा परिवार ही खत्म हो गया है. एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन से अविलंब आरती देवी अौर उनके पुत्र के हत्यारों को गिरफ्तार करने अौर मामले की सीबीआइ जांच की भी मांग की है. शोकसभा में पवन रंजन खत्री, अनूप कुमार लाल, कल्याणी देवघरिया, उत्तम कुजूर, अभिषेक भारती सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे.
