रांची : मांगें पूरी नहीं होने पर पुलिसकर्मियों में नाराजगी, काला बिल्ला लगा करेंगे काम

रांची : सरकार के पास लंबित छह सूत्रों मांगों को लेकर नाराज राज्य के 70 हजार पुलिसकर्मी 30 जुलाई से एक अगस्त तक तीन दिनों के लिए काला बिल्ला लगा कर काम करेंगे. इस आंदोलन में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल होंगे. 10 अगस्त को वे सामूहिक उपवास पर रहेंगे. इसके बावजूद उनकी मांगें […]

रांची : सरकार के पास लंबित छह सूत्रों मांगों को लेकर नाराज राज्य के 70 हजार पुलिसकर्मी 30 जुलाई से एक अगस्त तक तीन दिनों के लिए काला बिल्ला लगा कर काम करेंगे. इस आंदोलन में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल होंगे. 10 अगस्त को वे सामूहिक उपवास पर रहेंगे.
इसके बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं हुई, तो सितंबर में पुलिसकर्मी पांच दिनों के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे. इसकी तिथि की घोषणा 17 अगस्त के बाद की जायेगी. यह जानकारी मंगलवार को पुलिस एसोसिएशन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, महामंत्री अक्षय कुमार राम और झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह और महामंत्री रमेश उरांव ने सामूहिक रूप से दी.
योगेंद्र सिंह ने बताया कि सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से सिपाही को दारोगा बनाये जाने का निर्णय वापस लेने से एक सप्ताह के अंदर 1540 जमादार दारोगा बनेंगे. वहीं इतने ही सिपाही जमादार बन सकेंगे. इससे कोई वित्तीय भार भी सरकार पर नहीं पड़ेगा. 13 माह का वेतन देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी. लेकिन इस पर अब टाल-मटोल की रणनीति अपनायी जा रही है. इस कारण सदस्यों में आक्रोश है. योगेंद्र सिंह ने बताया कि अगर 30 जुलाई से पहले सरकार उनकी मांगों को मान लेती है, तब आंदोलन वापस लेने की घोषणा की जा सकती है.
एसोसिएशन की लंबित मांगें
सरकार सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के जरिये सिपाही को दारोगा बनाये जाने के निर्णय को वापस ले.
दिल्ली पुलिस एवं अन्य राज्यों की तर्ज पर झारखंड पुलिसकर्मियों को 13 माह का वेतन दिया जाये.
सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप भत्ता दिया जाये.
एसीपी/एमएसीपी के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कराया जाये.
शहीद/मृत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को नौकरी के लिए निर्धारित उम्र सीमा में छूट प्रदान की जाये और परिजनों को मिलनेवाली राशि में 25 प्रतिशत माता-पिता को दिया जाये.
सीआइडी, विशेष शाखा व एसीबी में पदस्थापित पुलिसकर्मियों को जिला में पदस्थापित पुलिसकर्मियों की तरह वर्दी भत्ता दिया जाये

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