रांची : राज्य के 11 कॉलेजों को प्रीमियर कॉलेज की अर्हताअों से लैस करने से संबंधित तैयारियों को लेकर सोमवार को उच्च, तकनीकी शिक्षा व काैशल विकास विभाग में सोमवार को बैठक हुई. प्रत्येक कॉलेज के लिए 16-16 करोड़ रुपये के डीपीआर का प्रस्ताव है.
बताया गया कि वाइएसएनएम, डालटनगंज को छोड़ कर अन्य सभी कॉलेजों का डीपीआर प्राप्त हो गया है. जेजे कॉलेज झुमरी तिलैया द्वारा बताया गया कि निर्माण कार्य असंतोषजनक है. योजनाअों को समय सीमा के अंदर पूरा करने के लिए भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता व कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिया गया. बैठक की अध्यक्षता उच्च शिक्षा निदेशक ने की.
संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों के अलावा कुलसचिव व भवन निर्माण निगम के मुख्य अभियंता भी शामिल हुए. पूर्व में उपलब्ध कराये गये दिशा-निर्देशों के आलोक में क्या प्रगति हुई, उसकी कॉलेजवार समीक्षा की गयी.
बताया गया कि केअो कॉलेज गुमला को छोड़ कर 10 कॉलेजों को नैक का बी एक्रिडिएशन प्राप्त हो गया है. 11 कॉलेजों में बायोमेट्रिक्स अटेंडेंस, अॉनलाइन एडमिशन, प्लेसमेंट की सुविधा उपलब्ध है. संताल परगना कॉलेज दुमका को छोड़ कर 10 कॉलेजों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई हो रही है. वोकेशनल पाठयक्रम की पढ़ाई भी चल रही है. उल्लेखनीय है कि चयनित कॉलेजों को राष्ट्रीय स्तर के समतुल्य बनाने के लिए 2020 तक सभी मानकों को पूरा किया जाना है.
इसमें नैक द्वारा ए/ए प्लस ग्रेड की प्राप्ति, कम से कम 50 प्रतिशत रोजगारोन्मुख पाठयक्रमों का संचालन, कंप्यूटर प्रयोगशाला व आधुनिक प्रायोगिक उपकरणों से युक्त प्रयोगशाला, आइसीटी आधारित शिक्षा आदि की समुचित व्यवस्था करना, बायोमेट्रिक्स अटेंडेंस, अॉनलाइन एडमिशन और प्लेसमेंट की सुविधा देनी होंगी.
