रांची : दो साल बाद अब गैर मजरुआ जमीन के मालिक जमीन का लगान भर सकेंगे. यानी उन्हें रसीद निर्गत हो सकेगी. 13 मई 2016 के आदेश के बाद से रसीद निर्गत होना बंद हो गया था. राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है. विभाग ने तीन जुलाई को मंत्रिपरिषद में इस मामले पर हुए फैसले की प्रति के साथ सारे आयुक्तों व उपायुक्तों को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
इस तरह अब सारे जगहों पर रसीद निर्गत करने की कार्रवाई शुरू हो जायेगी. मंत्रिपरिषद के फैसले के आलोक में यह लिखा गया है कि अवैध जमाबंदी रद्द करने के लिए जो अभिलेख खोले गये थे, उन मामलों में अंतिम आदेश आने तक उनका भी रसीद निर्गत किया जायेगा. पूर्व में निर्गत मैनुअल रसीद के आधार पर अॉनलाइन लगान निर्गत करने की व्यवस्था की जाये. अवैध जमाबंदी के मामले में अगर कोई विपरीत निर्णय आता है, तो रसीद निर्गत करने का मामला प्रभावित होगा, लेकिन तब तक रसीद निर्गत होगा. यह भी आदेश दिया गया है कि ऐसे मामले, जिनमें किसी प्रकार की कार्यवाही के बिना ही लगान रसीद निर्गत किया जाना बंद कर दिया गया है, तो उन सभी मामलों में भी अॉनलाइन रसीद निर्गत करने की व्यवस्था की जाये.
