चार दिनों से कचरे के बीच रह रहे 10 वार्डों के दो लाख लोग

हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, मनाने में एस्सेल इंफ्रा नाकाम, नगर निगम के अधिकारी भी मौन रांची : राजधानी रांची में कुल 53 वार्ड हैं. रांची नगर निगम ने इनमें से 33 वार्डों की सफाई व्यवस्था रांची एमएसडब्ल्यू (एस्सेल इंफ्रा और रांची नगर निगम का ज्वाइंट वेंचर) को सौंपी है. वहीं, शेष 20 वार्डों में सफाई […]

हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, मनाने में एस्सेल इंफ्रा नाकाम, नगर निगम के अधिकारी भी मौन
रांची : राजधानी रांची में कुल 53 वार्ड हैं. रांची नगर निगम ने इनमें से 33 वार्डों की सफाई व्यवस्था रांची एमएसडब्ल्यू (एस्सेल इंफ्रा और रांची नगर निगम का ज्वाइंट वेंचर) को सौंपी है. वहीं, शेष 20 वार्डों में सफाई का काम रांची नगर निगम खुद कराता है.
बीते चार दिनों से मोरहाबादी और खेलगांव स्थित मिनी कचरा ट्रांसफर स्टेशन के करीब 250 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं. हड़ताल के कारण सोमवार को भी दोनों एमटीएस से संबंधित वार्डों में कचरा उठाने वाले वाहन नहीं गये. इससे सड़कों से कचरा उठाने और डोर टू डोर कचरा उठाने का काम नहीं हुआ.
हड़ताली सफाईकर्मियों का आरोप है कि कंपनी ने अब तक उन्हें जून माह के वेतन के भुगतान नहीं किया है. कंपनी शुरू से ही उनके साथ ऐसा ही व्यवहार करती आ रही है. उन्हें कभी भी समय पर वेतन नहीं दिया जाता है, जिससे उन्हें परिवार चलाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. ये लोग ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग कर रहे हैं, जिसके तहत उन्हें हर महीने की एक निश्चित तारीख को वेतन दिया जाये. साथ ही अन्य कर्मचारियों के तरह उन्हें भी सप्ताह में एक दिन अवकाश मिले. जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, उनकी हड़ताल जारी रहेगी.
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी को कंपनी ने निकाला : रांची एमएसडब्ल्यू ने सोमवार को मोरहाबादी एमटीएस के सफाईकर्मियों का नेतृत्व कर रहे शमसुल हक को नौकरी दिया है. कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इसी कर्मचारी के कारण सफाईकर्मी बार-बार हड़ताल पर चले जा रहे हैं.
यह कर्मचारी कंपनी के वाहनों को क्षतिग्रस्त करने की धमकी भी देता है. इसकी लिखित शिकायत लालपुर थाने को दी जा चुकी है. गौरतलब है कि शमसुल हक ने भी कंपनी के अधिकारी पर जाने से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए लालपुर थाने में शिकायत दी थी.
खेलगांव के आधे कर्मचारी हड़ताल पर लौटे : इधर, कंपनी ने सूचना दी है कि सोमवार को खेलगांव कचरा ट्रांसफर स्टेशन के हड़ताल पर गये कर्मचारियों में से आधे कर्मचारी काम पर लौट गये हैं. यहां से 11 वाहन कचरा उठाने के लिए निकले थे. हालांकि, ये वाहन भी अपर्याप्त थे. इस कारण आधे से अधिक मोहल्ले में कूड़े का उठाव नहीं हुआ.
बारिश के मौसम में हड़ताल से नारकीय हो गयी है स्थिति : सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण करीब दो लाख से अधिक की आबादी कचरे के बीच रहने को विवश है. बारिश के दिन में कूड़ा के जमा हो जाने के कारण इस कूड़े से बदबू भी उठ रही है. कचरे का उठाव नहीं होने से परेशान लोग सवाल कर रहे हैं कि जब वे नगर निगम को हर तरह का टैक्स निर्धारित समय पर देते हैं, तो उन्हें कचरे और गंदगी के बीच क्यों रहना पड़ रहा है. खास बात यह है कि चार दिनाें से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर अब तक नगर निगम के अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया है.
मोरहाबादी कचरा ट्रांसफर स्टेशन (छह वार्ड) : मोरहाबादी, कांकेरोड, एदलहातू, टैगोर हिल रोड, हरिहर सिंह रोड, बरियातू रोड का आधा हिस्सा, बड़गाईं, चेशायर होम का आधा हिस्सा रोड आदि.
खेलगांव कचरा ट्रांसफर स्टेशन (चार वार्ड) : बूटी मोड़, गाड़ी गांव, चेशायर होम रोड का शेष हिस्सा, बरियातू रोड का शेष हिस्सा, न्यू नगर, दीपा टोल, अयोध्यापुरी, बांधागाड़ी आदि.
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए निगम अधिकारियों को आगे आना चाहिए था. अगर ऐसा नहीं हुआ है, तो कल मैं खुद सफाई कर्मचारियों से मिल कर उनकी समस्याएं सुनूंगा. शहर की सफाई व्यवस्था में जो कंपनी लगी हुई है, उसकी पूरी व्यवस्था चरमरा गयी है. निगम बोर्ड की पिछली बैठक में कंपनी को चेतावनी दी गयी थी. लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ है. यही रवैया रहा, तो कंपनी को यहां से जाना पड़ेगा.
संजीव विजयवर्गीय, डिप्टी मेयर, रांची नगर निगम

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