रांची : धनबाद रिंग रोड के लिए जमीन व मकान के अधिग्रहण के बावजूद इसका मुआवजा नहीं दिया गया है. यह मामला मुख्यमंत्री जनसंवाद में आया है. इसके बाद 30 मई 2017 को मुख्यमंत्री ने इसका त्वरित निष्पादन का निर्देश भी दिया है, लेकिन यह मामला आज तक लटका हुआ है. ऐसे में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने धनबाद के उपायुक्त को पत्र भेज कर मामले की जांच करने को कहा था.
इस पर भी अभी तक कुछ नहीं हुआ है. इधर, यह मामला धनबाद जिला भू-अर्जन न्यायालय में गया. उमा शंकर सिंह, उदय शंकर सिंह अशोक कुमार सिंह मुआवजा भुगतान के लिए न्यायालय गये. इन आवेदकों को अप्रैल 2013 में यह पता चला कि प्लॉट 2723 के खाता 26, रकबा तीन डिसमिल जमीन को अर्जित कर 3.64 करोड़ रुपये अवार्ड -39 गलत तरीके से विपक्षी के नाम बनाया गया है, जबकि वह मुआवजा पाने के हकदार नहीं हैं. बाद में इस मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 10 मई 2018 को आदेश पारित किया है.
इसके तहत यह आदेश दिया गया है कि तीनों आवेदक व उनके एक अन्य भाई अनिल कुमार सिंह उक्त प्लॉट 2723 की तीन डिसमिल जमीन के लिए करीब 55.77 लाख रुपये प्राप्त करने के अधिकारी हैं. भू-अर्जन न्यायाधीश ने इस संबंध में आदेश पारित कर दिया है.
