रांची : एचइसी प्रबंधन मशीनों को जल्द ही अपग्रेड करेगा. इसके लिए प्रबंधन ने योजना बनायी है. जिन मशीनों को अपग्रेड किया जाना है उसकी सूची भी तैयार कर ली गयी है. मशीनों को अपग्रेड करने के लिए प्रबंधन बैंक से 70 से 80 करोड़ रुपये लोन लेगा.
इस संबंध में एचइसी के सीएमडी अभिजीत घोष ने बताया कि एचएमबीपी व एफएफपी की कुछ पुरानी मशीनों को अपग्रेड किया जायेगा. श्री घोष ने कहा कि मशीनें पुरानी हो जाती हैं तो बीच-बीच में ब्रेक डाउन हो जाता है. इसका असर उत्पादन पर पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने आधुनिकीकरण की योजना बनायी थी. जो वर्तमान में केंद्र सरकार के पास लंबित है. इससे योजनाओं की मंजूरी में विलंब हो रहा है
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने तत्काल कुछ मशीनों को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है. एचएमबीपी में 30 से 40 करोड़ रुपये से मशीनों को अपग्रेड करने की योजना है. वहीं एफएफपी में भी करीब 40 करोड़ रुपये मशीनों को अपग्रेड करने में लगेंगे. जिन मशीनों को अपग्रेड किया जायेगा उसमें क्रेन गियर, सीएनसी वर्टिकल होरिजेटल बोरिंग मशीन आदि शामिल है. मशीनें अपग्रेड हो जाने से उत्पादन बढ़ेगा और मशीनों की एक्यूरेसी भी ठीक हो जायेगी.
एचइसी का नेटवर्थ हुअा पॉजीटिव : एचइसी का नेटवर्थ पॉजीटिव हो गया है. इस कारण एचइसी को बैंक से लोन मिलने में परेशानी नहीं होगी. मालूम हो कि पिछले दिनों एचइसी के निदेशक मंडल की हुई बैठक में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लेखा-जोखा को मंजूरी दी गयी थी. वर्तमान में निगम के पास कार्यशील पूंजी की कमी है. हालांकि एचइसी ने राज्य सरकार को जो जमीन दी है उससे मिली राशि के कारण नेटवर्थ पॉजीटिव हुआ है. श्री घोष ने बताया कि कार्यशील पूंजी की कमी के बाद भी उपलब्ध संसाधन में एचइसी के कर्मी उत्पादन बढ़ाने में लगे हुए हैं.
