रांची : लालपुर बाजार के दुर्गा मंदिर के समीप शनिवार की रात हुई गुरुनानक स्कूल के शिक्षक शिव प्रसाद की हत्या को लेकर लालपुर थाना में केस दर्ज कर लिया गया है.
केस परिजनों की शिकायत पर दर्ज किया गया है. परिजनों ने हत्याकांड में शामिल होने की आशंका धनबाद के जोड़ा पोखर निवासी ससुर विजय प्रसाद, शिव प्रसाद की पत्नी, सास, साला सहित परिवार के आठ लोगों पर जाहिर की है. पुलिस ने उनकी संलिप्तता पर जांच शुरू कर दी है.
इधर विजय प्रसाद से जब पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की तो उसने कहा कि मेरा शिव प्रसाद और उसके परिवार से कोई विवाद नहीं था. मैं अपनी बेटी को विदा करने के लिए तैयार था. लेकिन मैं चाहता था कि शिव प्रसाद मेरे पास आये और बेटी को ले जाये. पुलिस के अधिकारियों ने विजय प्रसाद को सोमवार तक रांची आने को कहा है ताकि मामले में विस्तार से जानकारी ली जा सकी. उल्लेखनीय है कि शिव प्रसाद की हत्या की जानकारी मिलने पर जब शनिवार की रात उनके पिता रिम्स पहुंचे थे, तब उन्होंने पुलिस को बताया था कि शिव प्रसाद को उनके ससुर विजय प्रसाद ने अपनी बेटी के चलते हत्या कराने की धमकी दी थी.
बाइक से युवती को कोकर लॉज के बाहर छोड़ कर लौट रहा था शिव
इससे पहले पुलिस ने शनिवार को रिम्स में दो युवतियों को भी रिम्स में देखा था. जिसमें एक युवती पर पुलिस को संदेह है. इस बात को लेकर कि वह शिव प्रसाद के बारे में काफी कुछ जानती है, लेकिन जब पुलिस ने शिव प्रसाद के दोस्तों से पूछा कि शिव का किसी दूसरी युवती से संबंध थे क्या,
तब दोस्तों ने पुलिस को बताया था कि उसका संबंध किसी युवती से नहीं था. पर आशंका के आधार पर पुलिस ने रविवार को दोनों युवतियों को पूछताछ के लिए लालपुर थाना बुलाया. जिसमें एक युवती ने बताया कि वह पहले शिव प्रसाद से कोचिंग में पढ़ती थी. उसने शिव प्रसाद से 2014 से अपनी दोस्ती की भी बात बतायी. यह भी बताया कि शनिवार की रात शिव प्रसाद उसे ही कोकर लॉज के बाहर छोड़ कर वापस जा रहा था.
कोचिंग के विवाद और प्रेम प्रसंग के बिंदु पर भी जांच शुरू
पुलिस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए दो बिंदुओं पर जांच कर रही है. पहला बिंदु युवती से प्रेम प्रसंग का है. पुलिस ने युवती से इस बिंदु पर भी पूछताछ की कि उसे कोई युवक पहले से परेशान तो नहीं करता था.
उसका कोई दूसरा ब्वॉय फ्रेंड तो नहीं था, जो शिव प्रसाद की हत्या कर सकता है. लेकिन युवती ने पूछताछ में किसी दूसरे युवक से संबंध की बात से इनकार किया है. जांच का दूसरा बिंदु यह कि पुलिस को जांच के दौरान जानकारी मिली है कि शिव प्रसाद जब सिटी सेंटर में कोचिंग क्लास लेता था. तब उससे मिलने बाइक से दो युवक आते थे. दोनों से बात करने के बाद शिव प्रसाद परेशान हो जाता था. कभी-कभी तो वह पढ़ाना तक बंद कर देता था. पुलिस दोनों के बारे भी जानकारी एकत्र कर रही है.
पुलिस को नहीं मिला सीसीटीवी से सुराग
घटना के बाद पुलिस ने घटना स्थल के आस-पास व विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी से फुटेज निकाला. लेकिन अब तक घटना में शामिल किसी शूटर की पहचान नहीं कर पायी है. क्योंकि पुलिस को अभी तक घटना के चश्मदीद लोगों से हत्याकांड में प्रयुक्त स्कूटी की रंग या नंबर के बारे जानकारी नहीं मिल पायी है. हालांकि पुलिस घटना को देखनेवालों के बारे में जानकारी जुटा रही है, ताकि उनसे स्कूटी के बारे में जानकारी मिल सके.
रांची : पंडरा ओपी क्षेत्र के हेसल के जोल्हा टापू से बरामद शव को दूसरे थाना क्षेत्र का मामला बता कर शव उठाने से इनकार करने वाले पंडरा ओपी प्रभारी आनंद कुमार सिंह को रविवार को एसएसपी अनीश कुमार गुप्ता ने निलंबित कर दिया है.
एसएसपी ने उन्हें सदर डीएसपी दीपक पांडेय की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित किया है. जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह जब पंडरा ओपी प्रभारी को शव मिला, तब उन्होंने इसे गोंदा थाना क्षेत्र का मामला बता कर शव उठाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद गोंदा थाना की पुलिस वहां जाकर शव उठाने लगी. जब सदर डीएसपी के निर्देश पर अमीन को इस बात की जांच करने के लिए बुलाया गया कि जिस जगह पर शव पाया गया है वह इलाका किसने थाना क्षेत्र में पड़ता है.
तब अमीन ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि घटना स्थल गोंदा थाना क्षेत्र में पड़ता है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने जांच की जिम्मेदारी सदर डीएसपी को सौंपी थी. सदर डीएसपी ने जांच में पाया कि पंडरा ओपी प्रभारी सीनियर पुलिस अफसरों के निर्देश का पालन नहीं करते हैं. उनके कार्यों के कारण पुलिस की छवि खराब हुई है.
अनूप बने नये ओपी प्रभारी
दूसरी तरफ एसएसपी के आदेश पर वहीं के जेएसआइ अनूप कौशल भेंगरा को पंडरा ओपी का प्रभारी बनाया गया है़
