रांची विश्वविद्यालय परीक्षा बोर्ड की बैठक में लिया गया है निर्णय
12 विद्यार्थियों का पीएचडी रिजल्ट जारी करने को दी गयी स्वीकृति
रांची : रांची विश्वविद्यालय के स्नातक पार्ट थ्री सत्र 2015-18 में पर्यावरण विज्ञान (इवीएस) विषय में फेल विद्यार्थियों को एक और मौका मिलेगा. यह निर्णय शनिवार को रांची विश्वविद्यालय परीक्षा बोर्ड की हुई बैठक में लिया गया. बोर्ड की बैठक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई. इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इवीएस के अतिरिक्त विद्यार्थी अगर किसी दूसरे विषय में फेल हैं, तो उसकी परीक्षा नहीं होगी. परीक्षा आयोजन को लेकर परीक्षा विभाग विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा. इवीएस की परीक्षा ओएमआर शीट पर ली गयी थी. शीट में रौल नंबर व अन्य जानकारी कलर करने में गड़बड़ी के कारण भी कुछ विद्यार्थियों का रिजल्ट पेंडिंग हो गया है, उन परीक्षार्थियों का भी रिजल्ट जारी किया जायेगा.
बोर्ड की बैठक में 12 विद्यार्थियों का पीएचडी रिजल्ट जारी करने को भी स्वीकृति दी गयी. इसमें पांच इंजीनियरिंग, दाे सोशल साइंस, एक मानविकी, एक रसायन व एक कॉमर्स के विद्यार्थी हैं. बैठक में प्रतिकुलपति प्रो कामिनी कुमार, कुलसचिव डॉ अमर कुमार चौधरी, परीक्षा नियंत्रक डॉ अाशीष कुमार झा, सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन डॉ आरके चौधरी, मानविकी संकाय की डीन डॉ सरस्वती मिश्रा समेत अन्य उपस्थित थे.
केओ कॉलेज के विद्यार्थियों की विशेष परीक्षा : केओ कॉलेज गुमला के स्नातकोत्तर कॉमर्स के सेमेस्टर तीन के विद्यार्थियों की विशेष परीक्षा होगी. परीक्षा बोर्ड की बैठक में कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए विशेष परीक्षा लेने को स्वीकृति दी गयी. उल्लेखनीय है कि कॉलेज में विद्यार्थियों को सेमेस्टर तीन में समेस्टर चार के पाठ्यक्रम से पढ़ाया गया था, जबकि परीक्षा में सेमेस्टर तीन के पाठ्यक्रम के आधार पर प्रश्न पूछे गये थे. इससे विद्यार्थियों को परेशानी हुई थी. परीक्षार्थियों ने इस पर अपना विरोध जताया था.
कितनी बढ़े फीस, नहीं बन सकी सहमति
शुल्क बढ़ोतरी को लेकर गठित कमेटी की हुई बैठक
अगली बैठक में लिखित में सदस्य देंगे अपना सुझाव
जिन विषयों में होती है प्रायोगिक कक्षा, उनका शुल्क अन्य विषयों की तुलना में अधिक होगा
वर्तमान में अधिकतम 16 रुपये शुल्क
विश्वविद्यालय में वर्तमान में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर न्यूनतम 14 रुपये व अधिकतम 16 रुपये तक शिक्षण शुल्क निर्धारित है. रांची विश्वविद्यालय का शिक्षण शुल्क वर्ष 1960 के बाद नहीं बढ़ा है. रांची विश्वविद्यालय की वित्त समिति की पिछले दिनों हुई बैठक में शुल्क बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया था. शुल्क में बढ़ोतरी के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित की गयी थी. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन शुल्क बढ़ोतरी पर अंतिम निर्णय लेगा.
