झारखंड में अब तक शुरू नहीं हुआ रोपा, कम बारिश होने से किसान परेशान

मनोज सिंह रांची : राज्य में इस बार भी सूखे के आसार नजर आ रहे हैं. बारिश की कमी के कारण किसी भी जिले में अब तक रोपा शुरू नहीं हुआ है. मॉनसून देर से आने के कारण ऐसा हुआ है. पूरे राज्य में अब तक सामान्य से करीब 30 फीसदी कम बारिश हुई है. […]

मनोज सिंह
रांची : राज्य में इस बार भी सूखे के आसार नजर आ रहे हैं. बारिश की कमी के कारण किसी भी जिले में अब तक रोपा शुरू नहीं हुआ है. मॉनसून देर से आने के कारण ऐसा हुआ है. पूरे राज्य में अब तक सामान्य से करीब 30 फीसदी कम बारिश हुई है. राज्य में छह जुलाई तक 258 मिमी बारिश होनी चाहिए थी. पर, इसकी तुलना में 181.1 मिमी बारिश हुई है. पूर्वी सिंहभूम और हजारीबाग को छोड़ सभी जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है.
बारिश की कमी के कारण रोपा शुरू नहीं हो पाया. हालांकि कुछ जिलों में सीधी बोआइ से धान लगाये गये हैं. गुमला और पश्चिमी सिंहभूम जिले में सीधी बोआई होती है. गुमला में करीब 40 हजार हेक्टेयर और पश्चिमी सिंहभूम में करीब 71 हजार हेक्टेयर में धान की खेती सीधी बोआई से की गयी है. पलामू, हजारीबाग और दुमका प्रमंडल में अब तक खेती शुरू नहींहुई है.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान डॉ डीएन सिंह कहते हैं, अभी सूखे का कोई संकेत नहीं है. मॉनसून केवल एक हफ्ते देर से आया है. पिछले 70 साल का इतिहास बताता है कि झारखंड में मॉनसून 18 से 20 जून के बीच आता है. इस बार एक सप्ताह देर आया है. किसानों के लिए चिंता की बात नहीं है. टाड़ में फसल लग रही है. 31 जुलाई तक झारखंड में सफलतापूर्वक रोपा होता है. किसानों को बीएयू ने सलाह दी थी कि सामुदायिक स्तर पर बिचड़ा लगायें. इससे बिचड़ा तैयार करने में आसानी होगी.
मौसम विभाग का पारा मीटर
एक से छह जुलाई तक कोडरमा और खूंटी जिले में औसत से करीब 71 फीसदी बारिश कम हुई है
गढ़वा और चतरा में औसत से 65 से 70 फीसदी कम बारिश दर्ज की गयी है
बोकारो, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गुमला, पाकुड़, पलामू, रामगढ़, रांची, साहेबगंज, सरायकेला-खरसांवा और पश्चिम सिंहभूम में औसत से 30 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गयी है
पूर्वी सिंहभूम और हजारीबाग में अच्छी बारिश हुई है
31 जुलाई तक होता है रोपा
झारखंड में 31 जुलाई तक रोपा होता है. कहीं से सूखे के संकेत नहीं है. किसानों को बीज भी पहुंच गया है. बीज ग्राम, एनएसजी, यूपी सीड से बीज लिया गया था. यह किसानों को उपलब्ध हो गया है. नेशनल फूड सिक्यूरिटी मिशन से भी किसानों को बीज उपलब्ध कराया गया है. रोपा भी शुरू हो गया है. सात से 10 फीसदी तक रोपा की सूचना मिली है.
– रमेश घोलप, कृषि निदेशक

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