रांची : सीएनटी एक्ट में संशोधन के विरोध में विभिन्न विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा 5 जुलाई को झारखंड बंद बुलाये जाने को लेकर जिला प्रशासन ने बुधवार को रांची जिले के सभी मुखिया के साथ बैठक की.
बैठक में एसडीओ अंजलि यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो इसकी जानकारी प्रशासन को दें. यही नहीं उसकी वीडियोग्राफी पुलिस को दें या सूचना दें. एसडीओ ने पिछले दिनों प्रकाशित आम सूचना के बारे में जानकारी दी. उसमें निहित प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से बताया.
एसडीओ ने कहा कि बंद में शामिल होकर कोई व्यक्ति सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, तो संपत्ति का आकलन कर उसकी क्षतिपूर्ति ली जायेगी. रांची जिले के 307 पंचायतों में से करीब 150 मुखिया बैठक में शामिल हुए. बैठक में सिटी एसपी अमन कुमार, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अखलेश कुमार सिन्हा समेत कई अधिकारी मौजूद थे.
रांची : अलबर्ट एक्का चौक से सुजाता चौक तक जवानों ने किया फ्लैग मार्च
रांची : भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ विपक्ष द्वारा पांच जुलाई को आहूत बंद के मद्देनजर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बुधवार की शाम अलबर्ट एक्का चौक से सुजाता चौक तक फ्लैग मार्च निकाला गया. इस नेतृत्व सिटी एसपी अमन कुमार कर रहे थे. मार्च में कोतवाली डीएसपी, कोतवाली थाना प्रभारी, डेलीमार्केट थाना प्रभारी के अलावा अन्य पुलिस अधिकारी और रैफ के जवान शामिल थे. सिटी एसपी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि बंद को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है.
आम लोग पुलिस को घटना की जानकारी दें. पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी. सिटी एसपी ने यह भी अपील की है कि बंद करानेवाले शांति से निकलें. अगर बंदी के दौरान कहीं तोड़-फोड़ या कानून को अपने हाथ में लेने का प्रयास किया जायेगा, तो पुलिस उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. इससे पूर्व पुलिस लाइन में जवानों और ड्यूटी में तैनात पुलिस अफसरों को ब्रीफिंग दी गयी.
