रांची : झारखंड कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी कौंसिल (जेसीएसआरसी) के गठन होने के बाद से झारखंड में विभिन्न कंपनियों द्वारा 1800 करोड़ रुपये अलग-अलग योजनाओं में खर्च किये जायेंगे.
इसकी सूचना कौंसिल को दी गयी है. यह राशि मूल रूप से पोषण, पेयजल, एसबीएम, बाल विवाह के खिलाफ और स्कील डेवलपमेंट पर खर्च किये जा रहे हैं. अब तक हुये कार्यों की समीक्षा पांच जुलाई को होगी. इसके लिए एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक प्रोजेक्ट भवन में होगी.
उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में विभिन्न कंपनियों द्वारा किये गये कार्यों और खर्च की समीक्षा होगी. बताया गया कि स्कील डेवलपमेंट के तहत कई आइटीआइ का संचालन सीएसआर योजना के लिए अलग-अलग कंपनियां कर रही है. डीवीसी द्वारा डोमचांच, टाटा स्टील द्वारा नारायणपुर, तमाड़, इसीएल द्वारा गोड्डा में आइटीआइ का संचालन किया जा रहा है.
डीवीसी द्वारा बोकारो, हजारीबाग और कोडरमा में 10 पीएचसी का संचालन किया जा रहा है. डीवीसी द्वारा ही 20 माडर्न आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण किया गया है. हिंडाल्को द्वारा नौ मॉडल आंगनबाड़ी का निर्माण किया गया है. सीसीएल द्वारा हजारीबाग में एमएनटीसी तैयार किया गया है, जहां कुपोषित बच्चों के खान-पान पर ध्यान दिया जाता है.
हिंडाल्कों द्वारा हजारीबाग में चार एमएनटीसी का संचालन किया जा रहा है. पीजीसीअाइल द्वारा 20 एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग को दिये गये हैं. एनटीपीसी द्वारा टंडवा सीएचसी को विकसित किया गया है. वहीं 12 जिलों में मिड डे मिल के लिए सेंट्रालाइज्ड किचन खोले जा रहे हैं.
