रांची : भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन के खिलाफ पांच जुलाई को विपक्ष की ओर से बुलाये गये बंद से निबटने के लिए पुलिस व प्रशासन ने कड़े इंतजाम किये हैं.
बंद के दौरान अमन-चैन बिगड़ानेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. सरकारी व गैर सरकारी प्रॉपर्टी को क्षति पहुंचाने पर प्रशासन बंद का आह्वान करनेवालों से इसकी वसूली करेगा. गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे व डीजीपी डीके पांडेय के संयुक्त आदेश से जिलों के डीसी-एसपी को इससे संबंधित आदेश जारी हुआ है.
इसमें हाइकोर्ट की ओर से पूर्व में दिये गये आदेश का हवाला भी दिया गया है. जिला प्रशासन की ओर से बंद में शामिल दलों के जिलाध्यक्षों को नोटिस देकर यह बताया जायेगा कि बंद करना कोर्ट के आदेश की अवमानना है.
झारखंड हाइकोर्ट के निर्देश में स्पष्ट है कि बंद में सरकारी व निजी प्रॉपर्टी की क्षति न हो, इसके लिए सभी एहतियातन उपाय किये जायें.
बंद के दौरान हर संभव स्थानों पर अधिक से अधिक वीडियोग्राफी की जाये. वाहन, बैंक, सरकारी दफ्तर, सरकारी व गैर सरकारी प्रॉपर्टी को किसी तरह का नुकसान होने पर उसकी भरपाई बंद का आह्वान करनेवाले राजनीतिक दल से की जायेगी. ऐसे लोगों से प्रशासन सख्ती से निबटेगा. कोई भी व्यक्ति बंद के दौरान फायर आर्म्स या कोई घातक हथियार लेकर बाहर निकलता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
गृह सचिव व डीजीपी ने जिलों को दिये कड़े निर्देश
झारखंड हाइकोर्ट के निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराने को कहा
सरकारी या गैर सरकारी प्रॉपर्टी का नुकसान होने पर बंद बुलानेवाली पार्टी को करनी होगी भरपाई
ज्यादा से ज्यादा जगहों पर वीडियोग्राफी कराने को कहा गया
हाइकोर्ट में अवमानना याचिका दायर
बंद के खिलाफ अधिवक्ता विनोद साहू ने मंगलवार को झारखंड हाइकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है. झारखंड मुक्ति मोर्चा, हेमंत सोरेन व राज्य सरकार को प्रतिवादी बनाया है. उन्होंने याचिका में बंद बुलाने को हाइकोर्ट की अवमानना बताते हुए उसे असंवैधानिक बताया है.
याचिका के साथ तीन दिसंबर 2003 के झारखंड हाइकोर्ट के फैसले व प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार की प्रति संलग्न की गयी है.
हाइकोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा है कि झामुमो को राजनीतिक मसलों पर बंद बुलाने पर रोक लगायी गयी थी. यह भी कहा था कि यदि बंद बुलाया जाता है और इस दाैरान जान-माल की हानि होती है, तो उसकी भरपाई बंद बुलानेवाले राजनीतिक दलों को करनी होगी.
उन्होंने कहा कि पांच जुलाई की बंदी अगर वापस नहीं ली जाती है, तो यह हाइकोर्ट के आदेश का उल्लंघन होगा, उसकी अवमानना होगी.
बोली भाजपा
झामुमो को कोर्ट की परवाह नहीं, पांच की बंदी असंवैधानिक और गैरकानूनी
संविधान की धज्जियां उड़ा रहा झामुमो
इधर विपक्ष का आह्वान
बंद को सफल बनाने के लिए नेताओं ने राजधानी की सड़कों पर उतर कर जनसंपर्क अभियान चलाया. पदयात्रा और नुक्कड़ सभा की.
झामुमो, कांग्रेस, झाविमो सहित वामदलों के नेता-कार्यकर्ता हुए शामिल
बंद के दैरान उपद्रवियों से सख्ती से निबटेगी पुलिस
उपद्रवियों से निबटने के लिए पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल
रांची : भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ पांच जुलाई को आहूत बंद के दौरान उपद्रवियों से सख्ती से निबटने के लिए पुलिस अपनी तैयारी में जुट गयी है.
इसके लिए मंगलवार की सुबह पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल हुआ. इसमें शामिल होने के लिए खुद एसएसपी अनीश कुमार गुप्ता और सिटी एसपी अमन कुमार पहुंचे थे. इस दौरान एसएसपी ने खुद भीड़ पर नियंत्रण के लिए जवानों को टियर गैस का गोला फेंकने के तकनीक की जानकारी दी. ड्रिल के दौरान उपद्रवी भी पुलिस के जवान ही बने हुए थे. मॉक ड्रिल के दौरान जवानों को इस बात की सिटी एसपी ने ट्रेनिंग दी गयी कि कैसे जब भीड़ हिंसक हो जाती है, तब उन्हें शांत होने के लिए चेतावनी दी जाती है.
इसके बाद भी उपद्रवी शांत नहीं होते, तब उन्हें शांत कराने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ता है. मॉक ड्रिल में क्यूआरटी की चार टीम के अलावा पुलिस के अन्य जवान और अफसर शामिल थे. सिटी एसपी ने बताया कि उपद्रवियों से निबटने के लिए पुलिस के पास हर तरह के आधुनिक हथियार और संसाधन हैं.
सिटी एसपी ने बताया कि बंद के दौरान किसी को कानून अपने हाथ में लेने या तोड़-फोड़ का अधिकार नहीं होगा. अगर बंद के दौरान उपद्रवी किसी तरह से सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी. किसी को हथियार लेकर घूमने का अधिकार नहीं होगा. मामले में उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियोग्राफी करायी जायेगी. सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर हाइकोर्ट के पूर्व के निर्देश के अनुसार बंद बुलाने पर पार्टी को इसका हर्जाना भी देना पड़ेगा.
बंद को लेकर कांग्रेस ने मांगा जनता से समर्थन
रांची : भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ पांच जुलाई को बुलाये गये झारखंड बंद को सफल बनाने को लेकर मंगलवार को कांग्रेस रांची महानगर की बैठक हुई. इसमें जनता से नैतिक समर्थन देकर बंद को सफल बनाने का आह्वान किया गया.
साथ ही पांच जुलाई के बंद को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्णय लिया गया. बैठक को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि सरकार बड़े औद्योगिक घरानों के इशारे पर जनता की जमीन लूटने की तैयारी कर रही है. पार्टी सरकार के इस निर्णय का विरोध हर स्तर पर करेगी.
बंद की पूर्व संध्या पर चार जुलाई को पिस्का मोड़ से रातू रोड चौक तक मशाल जुलूस निकाल कर बंद को सफल बनाने का आह्वान किया जायेगा. बैठक में प्रताप, सोनल शांति, कमल ठाकुर, रामकुमार चौधरी, सुरेंद्र साहू, सोनू वर्मा, अजय जैन, ज्योति सिन्हा, गौतम उपाध्याय, राजू राम समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.
रांची : केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने हरमू स्थित कार्यालय में हुई यंग क्रिश्चियन यूथ एसोसिएशन, जय आदिवासी युवा शक्ति सहित विभिन्न संगठनों की बैठक में पांच जुलाई के झारखंड बंद का समर्थन करते हुए सभी धार्मिक-सामाजिक संगठनों, अगुवों और एवं बुद्धिजीवियों से इसे समर्थन देने की अपील की है़
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन का मकसद आदिवासियों व मूलवासियों की जमीन लूटना है़ सरकार बड़े- बड़े पूंजीपतियों को जमीन अधिग्रहित कर देने का षड्यंत्र कर रही है़ इस बिल की रूपरेखा आदिवासी, मूलवासी हितों के विपरीत है और सरकारी प्रयोजन के लिए अधिग्रहण की बात कहना भी मात्र छलावा है़
बैठक में नारायण उरांव, संदीप, मुक्ति प्रकाश तिर्की, दीपक भगत, नगिया टोप्पो, नवनीत उरांव, अजय टोप्पो, प्रभाकर नाग, चंपा उरांव, राम नायक, सोनु मुंडा, अरविंद मुंडा, संजय कुजूर, कुंदरसी मुंडा आदि उपस्थित थे़
