रांची : सरकार गरीबों को गैस चूल्हा व गैस कनेक्शन उपलब्ध करा रही है. पहली बार तो यह कनेक्शन नि:शुल्क दिया जा रहा है, पर इसके बाद सिलिंडर की रिफलिंग उन्हें अपने खर्च पर करानी होगी. यही वजह है कि ज्यादातर ग्रामीण यह गैस कनेक्शन लेना नहीं चाहते हैं.
इस बात की पुष्टि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अपर सचिव सह अभियान निदेशक (एनएचएम) मनोज झालानी के समक्ष ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों ने की है. श्री झालानी शुक्रवार को पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा) के बंदगांव में विकास कार्यों का जायजा लेने गये थे.
केंद्र सरकार ने श्री झालानी को संबंधित जिले का प्रभारी बनाया है. श्री झालानी के साथ राज्य सरकार के खान सचिव अबु बकर सिद्धिकी भी थे. सिद्धिकी राज्य सरकार की ओर से पश्चिम सिंहभूम के प्रभारी हैं.
गौरतलब है कि केंद्र व राज्य सरकारों ने पिछड़े जिलों में विकास को गति देने के लिए अपनी तरफ से एक-एक अधिकारी को संबंधित जिले का प्रभार दिया है. बंदगांव से मिली सूचना के मुताबिक ग्रामीणों ने वहां स्कूलों का विलय करने का भी विरोध किया है. उनका कहना था कि किसी सरकारी स्कूल में यदि 50 बच्चे पढ़ रहे हैं, तो उन्हें वहां से दूर किसी स्कूल में शिफ्ट करने से उनकी पढ़ाई छूट जायेगी.
एक ग्रामीण ने बताया कि अधिकारियों से इलाके में स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर करने की मांग की गयी है. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बननेवाले आवासों में ग्रामीणों ने खूब रुचि दिखायी है तथा इसे लाभुकों को जल्द उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. बंदगांव गयी टीम में एनएचएम के अधिकारी भी शामिल थे.
