रांची : स्वास्थ्य सेवाएं शहरी क्षेत्र के लोगों का भी अधिकार है. इससे उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता. इसके लिए हमें स्वास्थ्य सुविधाअों तथा इसकी संरचना को सुदृढ़ करना चाहिए.
शहरी क्षेत्र में प्रस्तावित बुनियादी सेवाओं यथा आउटरिच कैंप, जीआइएस मैपिंग, किसी बीमारी से संबंधित अति संवेदनशील क्षेत्र का मूल्याकंन, व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, एनसीडी स्क्रीनिंग व रेफरल सेवाओं से संबंधित क्षमता वर्धन तथा कार्यक्रम प्रबंधन जैसे उपाय जरूरी है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के उप आयुक्त डॉ बासव गुप्ता (शहरी स्वास्थ्य) ने यह बातें कही. वह लोक स्वास्थ्य संस्थान (आइपीएच), नामकुम में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) के तहत क्षमता वर्धन तथा कार्यक्रम प्रबंधन पर दो दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे.
मंत्रालय से आयी अपर आयुक्त रंजना गर्ग ने एनयूएचएम का ढांचा, इसकी विशेषता तथा विभिन्न बीमारियों संबंधी जांच एवं नियंत्रण की जानकारी दी. मौके पर आसिफ एकराम सहित निदेशालय के पदाधिकारी, सिविल सर्जन व अन्य उपस्थित थे.
