खेलगांव में आयोजित राज्य स्तरीय एनसीसी कैंप में भाग ले रहे 300 एनसीसी कैडेटों को टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गयी़ जानकारी देने के लिए एनसीसी रांची एवं यूनिसेफ द्वारा मंगलवार को संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया़ सत्र के दौरान कैडेटों को टीकाकरण के बारे में बताया गया़ खासकर मिजेल्स-रूबेला (एमआर) टीका के बारे में बताया गया़ इसे लेकर एक अभियान झारखंड में जुलाई महीने से प्रारंभ होने जा रहा है़ संवाद सत्र के बाद 50 कैडेटों को ओरमांझी प्रखंड के आनंदी गांव ले जाया गया, जहां उन्होंने बच्चों एवं ग्रामीणों से बातचीत कर एमआर टीका के फायदे के बारे में उन्हें बताया़
यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख डॉक्टर मधुलिका जोनाथन ने कहा कि किशोर एवं युवाओं के साथ भागीदारी यूनिसेफ के कार्यों के केंद्र में है़ एनसीसी रांची के कमांडिंग ऑफिसर, कर्नल अमित डंगवाल ने कहा कि एनसीसी देश के युवाओं को संपूर्ण विकास के लिए अवसर प्रदान करता है, ताकि वे एक सक्षम नेता एवं उपयोगी नागरिक बन सकें. यूनिसेफ के स्वास्थ्य अधिकारी, डॉक्टर वनेश माथुर ने कहा कि मिजेल्स पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का प्रमुख कारण है़ विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के मुताबिक मिजेल्स के कारण वर्ष 2015 में भारत में 49,000 बच्चों की मृत्यु हो गयी.
रूबेला एक हल्की, वायरल बीमारी है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान इसके संक्रमण से गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं. कैडेट्स को संबोधित करते हुए झारखंड सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के चाइल्ड हेल्थ सेल के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर अजीत कुमार प्रसाद ने कहा कि मिजेल्स रूबेला का टीका नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है़ कार्यक्रम में यूनिसेफ की कम्यूनिकेशन ऑफिसर मोइरा दावा, रांची के सिविल सर्जन डॉक्टर एस हरिजन, रेडियो सिटी के आरजे सानंदा मित्र एवं मनोज नाग, डॉक्टर अरुण कुमार और पराग गोविल उपस्थित थे़
