रांची : कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह ने मार्केटिंग बोर्ड को बजटीय सहयोग करने की घोषणा की है. मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन सभागार में इ-नैम (नेशनल एग्रीक्लचर मार्केटिंग) पर आयोजित कार्यशाला में श्री सिंह ने कहा कि जब से बाजार समिति ने कृषि उत्पाद पर एक फीसदी शुल्क लेना बंद कर दिया है, तब से आर्थिक स्थिति खराब हो गयी है.
इस कारण बोर्ड के विकास का काम प्रभावित हो रहा है. सरकार ने तय किया है कि सभी बाजार परिसर के आधारभूत संरचना को विकसित किया जायेगा. दुकान बनायी जायेगी. पुरानी दुकानों को दुरुस्त किया जायेगा. इसके लिए पैसे की व्यवस्था सरकार करेगी.
मंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में 100 कोल्ड रूम बनाया जा रहा है. इसमें वैसे स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां सब्जियों की खेती होती है. आनेवाले समय में राज्य के सभी प्रखंडों में कोल्ड रूम का निर्माण कराया जायेगा. 30 मीट्रिक टन क्षमता वाले इस कोल्ड रूम का संचालन सोलर और बिजली से किया जायेगा. पिछले साढ़े तीन साल में जितना काम किया गया, उतना पूर्व की सरकारों ने नहीं किया था.
परिवर्तनशील विकास यात्रा के दौर में व्यवस्था
मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि हम लोग परिवर्तनशील विकास यात्रा के सहयात्री हैं. यह इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकार कुछ बड़ा करना चाह रहे हैं. 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करनी है.
कृषि विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि नीति आयोग ने 590 रूरल हाटों को इ-नैम से जोड़ने का निर्देश दिया है. इस पर काम हो रहा है. रांची चेंबर के अध्यक्ष शंभु गुप्ता ने कहा कि राज्य में कृषि का विकास हो, इसके लिए व्यापारी तैयार हैं. बाजार समिति को अनुदान देकर आधारभूत संरचना विकसित करें. मौके पर मार्केटिंग बोर्ड के एमडी विमल, कृषि विभाग के विशेष सचिव प्रदीप हजारी भी मौजूद थे.
रांची : प्रोजेक्ट भवन में इ-नैम पर मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में उस समय अजीब माहौल बन गया, जब किसानों को बैठक से ही बाहर निकाल दिया गया. हुआ यह कि किसान बांदे उरांव और दानिएल एक्का ने पूछा कि अपनी उपज मंडी में लेकर आयेंगे, इस दौरान उपज अगर नहीं बिक पायी, तो आखिर उसे कहां रखेंगे.
इतने में किसी ने आकर कहा कि सवाल नहीं पूछें. इसके बाद बोर्ड के एमडी ने पंडरा बाजार समिति के पणन सचिव को कहा कि इन किसानों को बाहर निकालें. इस घटना से किसानों में काफी रोष है. किसान बांदे उरांव ने कहा कि जब कुछ पूछना नहीं है, तो आखिर किसलिए बुला लिया गया. यह घटना कृषि मंत्री व कृषि सचिव के बैठक से जाने के बाद हुई. कार्यक्रम विवरणी में प्रश्नोत्तरी सेशन भी रखा गया था, लेकिन इसके पूर्व ही कार्यक्रम काे समाप्त कर दिया गया.
