रांची: धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड पर रेल यातायात बंद रहने से यात्री परेशान हो गये हैं. इस रेलखंड के बजाय दूसरे वैकल्पिक मार्ग से कई ट्रेनों को चलाया जा सकता है. रेलवे यदि पुरुलिया में केवल तीन किलोमीटर बाइपास बनवा दे, तो वहां से दो रूट आसानी से खुल जायेंगे. इसमें एक रूट आसनसोल के लिए और दूसरा रूट धनबाद के लिए होगा.
ऐसा करने से रांची से आसनसोल जानेवाली ट्रेन को मुरी, कोटशिला, पुरुलिया बाइपास, जयचंडी पहाड़, गरधेश्वर और आसनसोल होते हुए बंगाल जाना आसान हो जायेगा. इसके अलावा कई ट्रेनों के लिए राज्य के अन्य इलाकों और बिहार जाना भी आसान हो जायेगा. बाइपास बनने के बाद आसनसोल से बंगाल और जामताड़ा व जसीडीह होकर बिहार जाने के लिए इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही धनबाद के लिए दूसरा मार्ग खुलेगा.
छह महीने की मेहनत में तैयार हो सकती है लाइन
रांची से धनबाद जानेवाली ट्रेन मुरी, कोटशिला, पुरुलिया बाइपास, अनारा, रुपनी, भोजूडीह, पाथरडीह होकर सीधे धनबाद पहुंचेगी. इसके बाद वहां से आगे का मार्ग खुल जायेगा. जानकारों का मानना है कि रेलवे यदि इसपर युद्धस्तर से काम करे, तो महज छह माह के अंदर में यह लाइन बनकर तैयार हो जायेगी. यदि रेलवे चाहे, तो रांची के लिए बंद पड़ी जयनगर, भागलपुर, कामख्या, हावड़ा इंटरसिटी (वाया धनबाद) सहित अन्य ट्रेनों को बिना बंद किये हुए चला सकता है. इसके लिए थोड़े से बदलाव की जरूरत है. कुछ ट्रेनों को भोजुडीह होकर चलाया जा सकता है. इसके बाद अन्य ट्रेन को गोमो हो कर ले जाया जा सकता है. भागलपुर से रांची आनेवाली वनांचल एक्सप्रेस को यदि झालिदा में दो मिनट के लिए रोक दिया जाता है, तो यात्रियों को काफी राहत मिलेगी. मालूम हो कि यहां इस ट्रेन का ठहराव नहीं होने के कारण यहां से रांची जानेवाले काफी संख्या में यात्रियों को सुबह चार से पांच बजे ही घर छोड़ देना पड़ता है. उसके बाद यात्री यहां से पटना-हटिया को पकड़कर रांची जाते हैं. वहीं, वनांचल एक्सप्रेस छह बजे के बाद वहां से गुजरती है, जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी. मालूम हो कि इंटरसिटी के समय में बदलाव हो जाने से काफी परेशानी बढ़ गयी है.
