रांची: सिल्ली और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ी पहल होने जा रही है. पथ निर्माण विभाग ने रंगामाटी से सिल्ली के मिलन चौक तक सड़क को फोरलेन में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है. वर्तमान में यह सड़क टू लेन है और कई हिस्सों में इसकी स्थिति भी ठीक नहीं है. बढ़ते यातायात और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सड़क को फोरलेन करने की योजना तैयार की जा रही है.
फोरलेन सड़क बनने के बाद सिल्ली क्षेत्र की रांची-जमशेदपुर मुख्य मार्ग से कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है. इससे रांची और जमशेदपुर की ओर आने-जाने वाले लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी. सिल्ली के अलावा आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को भी इस परियोजना का लाभ मिलने की संभावना है.
डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू
पथ निर्माण विभाग ने परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए कंसल्टेंट की तलाश की जा रही है. कंसल्टेंट का चयन होने के बाद सड़क की वर्तमान स्थिति, यातायात का दबाव, प्रस्तावित चौड़ाई, जमीन की उपलब्धता और निर्माण से जुड़ी अन्य तकनीकी जरूरतों का अध्ययन किया जायेगा.
विभागीय स्तर पर कंसल्टेंट के चयन के बाद करीब तीन माह में डीपीआर तैयार होने की उम्मीद है. डीपीआर तैयार होने के बाद ही सड़क निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी. इसमें परियोजना की अनुमानित लागत, सड़क की डिजाइन, निर्माण की तकनीकी जरूरतें और अन्य जरूरी पहलुओं का आकलन किया जायेगा.
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बढ़ते यातायात को देखते हुए लिया गया फैसला
रंगामाटी-मिलन चौक सड़क फिलहाल टू लेन है. इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही आवाजाही को देखते हुए सड़क को फोरलेन करने का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वर्तमान सड़क की क्षमता सीमित होने के कारण यातायात बढ़ने पर कई जगह वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है.
फोरलेन सड़क बनने से सड़क की क्षमता बढ़ेगी और वाहनों के आवागमन के लिए ज्यादा जगह उपलब्ध होगी. इससे भविष्य में बढ़ने वाले यातायात के दबाव को संभालने में भी मदद मिलेगी. सड़क का चौड़ीकरण होने से आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में भी काम किया जा सकेगा.
सिल्ली को मिलेगा बड़ा कनेक्टिविटी लाभ
सिल्ली रांची जिले का महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसकी भौगोलिक स्थिति इसे रांची तथा जमशेदपुर से जोड़ने के लिहाज से अहम बनाती है. रंगामाटी से मिलन चौक तक सड़क के फोरलेन होने से सिल्ली की मुख्य मार्गों तक पहुंच और मजबूत होगी.
इसका असर केवल निजी वाहनों की आवाजाही तक सीमित नहीं रहेगा. स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों, किसानों, विद्यार्थियों और रोजाना काम के सिलसिले में रांची या दूसरे क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है.
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से स्थानीय बाजारों तक लोगों की पहुंच आसान हो सकती है. वहीं, कृषि और अन्य स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी परिवहन सुविधा बेहतर होने की संभावना है. सड़क के चौड़ीकरण से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद भी जतायी जा रही है.
पहले डीपीआर, फिर आगे बढ़ेगी परियोजना
फोरलेन परियोजना फिलहाल प्रारंभिक चरण में है. अभी डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंट के चयन की प्रक्रिया चल रही है. कंसल्टेंट के चयन के बाद सड़क का तकनीकी सर्वे और विस्तृत अध्ययन किया जायेगा. इसके आधार पर डीपीआर तैयार होगी.
डीपीआर में परियोजना से जुड़े सभी प्रमुख पहलुओं को शामिल किया जायेगा. इसके बाद विभागीय स्तर पर स्वीकृति समेत अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जायेंगी. यानी फिलहाल सड़क को फोरलेन बनाने की योजना पर काम शुरू हुआ है और आने वाले समय में डीपीआर के आधार पर परियोजना की अगली तस्वीर सामने आयेगी.
स्थानीय लोगों के लिए यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मौजूदा टू लेन सड़क की क्षमता बढ़ते यातायात के मुकाबले सीमित होती जा रही है. ऐसे में फोरलेन सड़क बनने से सिल्ली क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है.
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