रांची से राजेश कुमार की रिपोर्ट
रांची. रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार सिल्ली अंचल कार्यालय के अमीन गणेश महतो की जमानत याचिका एसीबी कोर्ट ने एक बार फिर खारिज कर दी है. विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार किया. अदालत ने कहा कि सरकारी कर्मचारी पर भ्रष्टाचार का आरोप गंभीर है और ऐसी घटनाएं व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं.
जमीन की मापी रिपोर्ट जमा करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप
मामला शिकायतकर्ता बासुदेव महतो से जुड़ा है. आरोप है कि अपनी जमीन की मापी रिपोर्ट जमा करने के लिए उन्होंने अमीन गणेश महतो से संपर्क किया था. इस दौरान गणेश महतो पर 12,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया. एसीबी के सत्यापन में रिश्वत मांगने की बात की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गयी.
सत्यापन के दौरान बातचीत में रिश्वत की रकम 8,000 रुपये में तय होने की बात सामने आयी. इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनायी.
19 फरवरी को एसीबी ने किया था गिरफ्तार
19 फरवरी 2026 को एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए गणेश महतो को कथित रूप से रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. गणेश महतो 20 फरवरी से न्यायिक हिरासत में हैं.
पहले भी खारिज हो चुकी है जमानत
गणेश महतो की जमानत याचिका इससे पहले भी एसीबी कोर्ट खारिज कर चुका है. इसके अलावा झारखंड हाईकोर्ट ने भी 14 मई को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब एसीबी कोर्ट द्वारा दोबारा जमानत खारिज किये जाने के बाद उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा.
