..अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष पर कार्यशाला का आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत प्रथम अर्धवार्षिक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन नाबार्ड के तत्वावधान में कृषि विज्ञान केन्द्र, मांडू के सभागार में किया गया.

फोटो 25 मांडू 01 कार्यक्रम को उदघाटन करते अतिथि मांडू. अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत प्रथम अर्धवार्षिक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन नाबार्ड के तत्वावधान में कृषि विज्ञान केन्द्र, मांडू के सभागार में किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. सुधांशु शेखर ने की. दीप प्रज्वलन के साथ कार्यशाला का शुभारंभ हुआ. कार्यशाला का उद्देश्य प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) की क्षमता निर्माण, किसानों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ना तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में उन्हें प्रेरित करना था. डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि सहकारिता किसानों की सामूहिक शक्ति और आत्मनिर्भरता का आधार है. नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक दीपा प्रियांका ने कहा कि नाबार्ड किसानों तक वित्तीय सेवाएं, प्रशिक्षण और तकनीक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी मदुसूदन ठाकुर ने पारदर्शिता को पैक्स की विश्वसनीयता का आधार बताया. वरीय अंकेक्षण पदाधिकारी सुशील बडिंग ने समितियों की वित्तीय पारदर्शिता और नियमित लेखा परीक्षण पर बल दिया. झारखंड राज्य सहकारी बैंक के मनीष कुमार ने पैक्स से बैंकिंग सेवाओं को जोड़ने की आवश्यकता बतायी. नाबार्ड रांची के राकेश कुमार ने पैक्स के डिजिटलीकरण को त्वरित और पारदर्शी सेवा का माध्यम बताया. डॉ. इन्द्रजीत ने सामूहिक विपणन और उद्यमिता में सहकारिता की भूमिका पर प्रकाश डाला. डॉ. धरमजीत खैरवार ने उद्यानिकी और मूल्य संवर्धन में पैक्स की उपयोगिता बतायी.

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Author: VIKASH NATH

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